रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 22 घंटा पहले जमशेदपुर के एसएसपी और सरायकेला एसपी को हटाने का आदेश जारी किया था और 24 घंटा बीतने से पहले ही दोनों जिलों में पुलिस कप्तान की तैनाती कर दी।
झारखंड सरकार ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस नेतृत्व को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। रिक्त पड़े एसएसपी और एसपी के पदों पर नई नियुक्तियां कर दी गई हैं।
अपराध अनुसंधान विभाग (CID) में एसपी के रूप में कार्यरत 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी एहतेशाम वकारिब को जमशेदपुर का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बनाया गया है।
वहीं, धनबाद स्थित झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 (जैप-3) गोविंदपुर के कमांडेंट एवं 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला-खरसावां का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है।

दोनों जिलों में एसएसपी और एसपी के पद मंगलवार से रिक्त थे। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को उनके पदों से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया था।
मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही को आधार बनाकर की थी। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से भी साझा की थी।
साथ ही रांची प्रक्षेत्र के एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त को जमशेदपुर में कैंप कर कानून-व्यवस्था की निगरानी तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद हुई थी बड़ी कार्रवाई
जमशेदपुर में 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी क्लब के बाहर हुई चर्चित घटना के बाद शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। बताया गया कि एक महिला के साथ कथित छेड़खानी और बदसलूकी का विरोध करने पर करनी सेना के नेता 24 वर्षीय हिमांशु सिंह और उनके मित्र प्रत्युष सिंह पर जानलेवा हमला किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्लब से बाहर निकलते ही हमलावरों ने दोनों पर लाठी-डंडों से हमला किया और बाद में धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए। जान बचाने के लिए हिमांशु सिंह मौके पर मौजूद पुलिस पीसीआर वैन में घुस गए थे, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के सामने ही उन्हें वैन से बाहर खींच लिया और फिर चाकू से हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार रात उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद जमशेदपुर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को हटाने और नए अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया।
