जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। हरिणा पंचायत के कांदर गांव की एक वर्षीय बच्ची खुशबू सरदार की जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। चार दिन पहले ही उसकी बड़ी बहन की भी इसी बीमारी से जान चली गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
इसके साथ ही पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
जानकारी के अनुसार, खुशबू सरदार की हालत गंभीर होने पर उसे एमजीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। वह पिछले तीन दिनों से बेहोश थी और लगातार डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सबसे दुखद बात यह है कि खुशबू की बड़ी बहन सुबोला सरदार की भी महज चार दिन पहले ब्रेन मलेरिया से मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार की दो बेटियों की लगातार मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इससे पहले पोटका प्रखंड के सानग्राम गांव की कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की छात्रा लखी सरदार तथा हितबासा गांव निवासी रोहित सरदार की भी ब्रेन मलेरिया से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
पोटका के कई गांवों में अब भी मलेरिया और ब्रेन मलेरिया के नए मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच, दवा वितरण, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तरीय स्वास्थ्य टीम भी क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। वहीं, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने भी ब्रेन मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। बावजूद इसके, लगातार सामने आ रहे मामले और मौतें प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
