असम में रेलवे इंजीनियर की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में भी कार्रवाई
मुख्य बिंदु:
- सीसीएल रामगढ़ में चीफ स्टोर कीपर रिश्वत लेते गिरफ्तार
- दस हजार रुपए की रिश्वत मांगने का था आरोप
- असम में भी रेलवे इंजीनियर बीस हजार रुपए रिश्वत में पकड़ा गया
रांची – सीबीआई ने झारखंड के रामगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
यह कार्रवाई सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के बरका सयाल एरिया में हुई। आरोपी सौंदा स्थित रीजनल स्टोर में चीफ स्टोर कीपर के पद पर तैनात था।
सीबीआई ने यह मामला रविवार को दर्ज किया। एक शिकायत के आधार पर यह कदम उठाया गया।
शिकायत में दावा किया गया था कि आरोपी ने दस हजार रुपए की मांग की थी। यह रकम शिकायतकर्ता को हल्के काम पर रखकर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी जारी रखने के बदले मांगी गई थी।
इसके चलते शिकायतकर्ता की मेडिकल स्थिति का हवाला दिया गया था। हालांकि, सीबीआई ने इस सूचना पर तुरंत जाल बिछा दिया।
टीम ने आरोपी को रिश्वत मांगते और लेते समय पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के दफ्तर और घर पर तलाशी अभियान चलाया गया।
सीबीआई के अनुसार, मामले की आगे की जांच अभी जारी है। बता दें कि सीबीआई की छापेमारी की कार्रवाई पहले भी झारखंड में देखी जा चुकी है।
इसी तरह की एक घटना हाल ही में असम में भी सामने आई थी। चौदह जून को सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया।
आरोप था कि इंजीनियर ने बीस हजार रुपए की रिश्वत ली थी। यह रकम शिकायतकर्ता से रंगे हाथों लेते हुए जब्त की गई।
इस मामले में भी सरकारी अधिकारी पर औपचारिक मामला दर्ज हुआ। उन्हें रविवार को ही अदालत में पेश किया जाना था।
अधिकारियों के मुताबिक, इंजीनियर ने एक बिल पास करने के एवज में यह राशि मांगी थी। शिकायतकर्ता-सह-ठेकेदार का करीब बीस लाख रुपए का बिल मंजूरी के लिए लंबित पड़ा था।
जब ठेकेदार ने भुगतान को लेकर इंजीनियर से संपर्क किया, तो उससे बकाया राशि का एक प्रतिशत हिस्सा अवैध रूप से मांगा गया। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर रंगे हाथों गिरफ्तारी की।
गौरतलब है कि देश में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। हाल के महीनों में झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी रिश्वतखोरी के कई मामले दर्ज किए गए हैं।
केंद्रीय एजेंसियां इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई करती रही हैं। दोनों मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
