न्यायिक जांच के आदेश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा
मुख्य बिंदु:
- भरत भूषण तिवारी की मुठभेड़ में मौत पर मंत्री ने जताया खेद
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, मंत्री ने दी चेतावनी
पटना – बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भोजपुर में हुई कथित पुलिस मुठभेड़ में एक युवक की मौत को लेकर गहरा रंज जताया है।
मंत्री ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि सरकार सच्चाई का पता लगाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही।
श्रवण कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। इसी कारण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए न्यायिक जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के उपरांत घटना से जुड़े सभी तथ्य उजागर हो जाएंगे। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि वास्तविक रूप से इसके लिए कौन उत्तरदायी है।
“हम इस घटना से अत्यंत आहत हैं। जांच के बाद हर पहलू साफ हो जाएगा,” मंत्री ने कहा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि कानून अपना काम जरूर करेगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जाएगा। उनके अनुसार नियमानुसार कठोरतम सजा सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधि के शासन और सुशासन के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है। साथ ही, न्याय से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं, घटना को लेकर झारखंड के आदित्यपुर में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। एक दिन पहले ही आदित्यपुर में इस मुठभेड़ मामले को लेकर रोष व्यक्त किया गया था।
इस बीच, मंत्री से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की पार्टी में भूमिका को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर श्रवण कुमार ने कहा कि निशांत कुमार युवा नेता हैं।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से कार्यकर्ताओं और नेताओं की मांग थी कि निशांत कुमार को संगठन में सक्रिय जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसी मांग को ध्यान में रखकर उन्हें पार्टी में शामिल किया गया था।
मंत्री के अनुसार, पार्टी जुड़ने के बाद से निशांत कुमार संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने जनहित से जुड़े कई सरकारी कार्यक्रमों में भी सहभागिता दिखाई है।
गौरतलब है कि निशांत कुमार को हाल ही में बिहार विधान परिषद का सदस्य चुना गया था। मंत्री ने कहा कि युवा नेतृत्व को मौका देना वक्त की मांग है।
उन्होंने इस संदर्भ में जोड़ा कि निशांत कुमार अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं। मंत्री के मुताबिक, यह बदलाव संगठन के लिए सकारात्मक साबित हो रहा है।
बिहार में गृह विभाग की जिम्मेदारी फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास है, जिनके निर्देश पर ही इस मामले की न्यायिक जांच शुरू की गई है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और इसके आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
