‘वीबी-जी राम जी’ एक्ट लागू करने के लिए देशभर में 100 से अधिक अधिकारियों को तैनात करेगी सरकार

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) अधिनियम देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई से लागू होने वाला है। इसके लिए केंद्र सरकार ने देशभर में 100 से अधिक अधिकारियों को तैनात करने का फैसला लिया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम के लागू होने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मदद के लिए देशभर में 100 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। ये अधिकारी रोलआउट के चरण में सुविधा प्रदाता और रिसोर्स पर्सन के तौर पर काम करेंगे।

वे राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि इसे लागू करने में मदद मिल सके, स्थानीय क्षमताएं मजबूत हों, जानकारी का आदान-प्रदान आसान हो, काम से जुड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद मिले और अच्छे तरीकों को अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके।

वे स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे, ताकि लागू करने की जरूरतों को समझ सकें, अनुभवों और अच्छे तौर-तरीकों के आदान-प्रदान में मदद कर सकें, क्षमता-निर्माण के प्रयासों का समर्थन कर सकें और कामकाज से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में सहायता कर सकें।

आधिकारिक बयान के अनुसार, उनकी भागीदारी से अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के बीच तालमेल मजबूत करने और नए ढांचे में बदलाव के दौरान इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। यह पहल संस्थागत मदद देने और देशभर में एक्ट को आसानी से लागू करने के लिए शुरू की गई है।

लगभग 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही इस एक्ट को लागू करने के लिए बजट का प्रावधान कर लिया है, जबकि छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिनियम के ढांचे के तहत अपनी राज्य योजनाएं अधिसूचित कर दी हैं। बयान में कहा गया है कि बाकी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देने के काम में काफी आगे बढ़ चुके हैं।

इस अधिनियम की एक केंद्रीय विशेषता सभी ग्रामीण परिवारों के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में वैधानिक रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करना है। यह बढ़ी हुई गारंटी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, आय की स्थिरता में सुधार करने, ग्रामीण उपभोग को समर्थन देने और कमजोर परिवारों को अधिक आर्थिक अनुकूलनता प्रदान करने के उद्देश्य से है।

यह फ्रेमवर्क ‘रोजगार भी, सम्मान भी’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसका उद्देश्य सिर्फ मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि ग्रामीण श्रमिक दीर्घकालिक ग्राम विकास में योगदान देने वाली स्थायी और उत्पादक सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

डीसीएच

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

पीएम मोदी की कोशिशों ने योग को वैश्विक मंच तक पहुंचाया : जगदीश विश्वकर्मा

अहमदाबाद, 21 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र...

आगरा-जयपुर हाईवे पर 115.160 किलो अवैध अफीम के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

भोपाल, 21 जून (आईएएनएस)। मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई...

अभिमत

योग को उत्सव नहीं, जीवन का हिस्सा बनाना होगा

विश्व योग दिवस पर बढ़ते उत्साह के बीच आवश्यकता इस बात की है कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

कांग्रेस के लिए झारखंड का बड़ा राजनीतिक संदेश

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार की हार ने विपक्षी राजनीति, गठबंधन प्रबंधन और कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति पर नई बहस को जन्म दिया है।

संपादक की पसंद

श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले पर सुखजिंदर सिंह रंधावा का केजरीवाल पर निशाना, बोले- क्या सीएम भगवंत मान से इस्तीफा मांगेंगे?

चंडीगढ़, 15 जून (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त द्वारा धार्मिक कदाचार का दोषी घोषित किए जाने के बाद इस मुद्दे...

यूपी चुनाव से पूर्व राम कृपाल यादव का बड़ा दावा, समाजवादी पार्टी में भी हो सकती है बड़ी टूट

पटना, 18 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत