August 11, 2026
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जमशेदपुर

जमशेदपुर में ट्रेडिंग और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 28 लाख की कथित ठगी, 17 लोगों ने पुलिस से की शिकायत

जमशेदपुर में ट्रेडिंग और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 28 लाख की कथित ठगी, 17 लोगों ने पुलिस से की शिकायत

*बिरसानगर थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस मामले की कर रही जांच
*शिकायतकर्ता बोले-सौरभ दे को शहर छोड़कर जाने से रोका जाए

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र में ट्रेडिंग और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करीब 28 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। 17 लोगों ने सौरभ दे के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत देकर निवेश की रकम वापस दिलाने और मामले की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें निवेश की राशि डूब जाने की बात कही जा रही है।

मामले को लेकर कुमार अंकित सिंह, कौशिक दत्ता समेत 17 लोगों ने बिरसानगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं ने सौरभ दे, पिता शंभू दे के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।

शिकायत में बताया गया है कि सभी लोगों ने ट्रेडिंग और शेयर मार्केट में निवेश के उद्देश्य से सौरभ दे को अलग-अलग समय में कुल करीब 28 लाख रुपये दिए थे। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि निवेश की गई रकम से लाभ मिलेगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी राशि वापस भी मिल सकेगी।

हालांकि, अब जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि उनका कोई बकाया नहीं है। साथ ही, निवेश की रकम डूब जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर पूरे लेनदेन की जांच कराने और उनकी राशि वापस दिलाने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने आवेदन में यह भी कहा है कि उन्होंने निवेश के लिए कुछ रकम कर्ज लेकर जुटाई थी। इसलिए तत्काल 5.40 लाख रुपये की राशि 11 अगस्त तक वापस दिलाने की व्यवस्था कराने का आग्रह किया गया है। वहीं, शेष रकम लौटाने के लिए 12 महीने का समय देने की बात कही गई है।

आवेदन में पुलिस से यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले की जांच पूरी होने तक सौरभ दे को शहर छोड़कर जाने से रोका जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो और शिकायतकर्ताओं की रकम की वापसी सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। निवेश के नाम पर रकम लेने, लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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