जमशेदपुर : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर सोमवार को जमशेदपुर में जेल भरो आंदोलन आयोजित किया गया। विभिन्न ट्रेड यूनियनों, किसान-मजदूर संगठनों और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला संयोजक कॉमरेड विश्वजीत देव ने किया, जबकि एटक के कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कॉमरेड हीरा अरकने ने किया।
आम बागान मैदान से निकला जुलूस झंडे और बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए साकची के बिरसा चौक पहुंचा।
जुलूस में एटक, सीटू, एसयूसीआई, बीएसएसआर यूनियन, ऑल इंडिया खेत मजदूर किसान यूनियन और एआईएसएफ से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। पटमदा और बोड़ाम क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण खेत मजदूर और महिलाएं भी आंदोलन में शामिल हुईं।
दो घंटे से अधिक समय तक साकची चौक पर प्रदर्शन
आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने साकची चौक पर दो घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के कारण साकची चौक पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी रही। पुलिस बल पूरे आंदोलन पर नजर बनाए रहा।
चार लेबर कोड वापस लेने समेत कई मांगें
आंदोलनकारियों ने चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेने, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट की व्यवस्था समाप्त करने और स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा खत्म करने की मांग की। इसके अलावा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने, वीबी ग्राम योजना को लागू करने तथा निजीकरण की नीति पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने सभी के लिए भोजन, आवास, रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने, समान काम के लिए समान वेतन देने और शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके साथ ही निजी बैंकों के निजीकरण पर रोक लगाने तथा मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उठाई गई।
बैंक, एलआईसी, रेलवे और बीएसएनएल कर्मचारियों का समर्थन
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम देशभर में संयुक्त ट्रेड यूनियनों की ओर से आयोजित किया गया। जमशेदपुर में आंदोलन को विभिन्न वामपंथी संगठनों के साथ बैंक, एलआईसी, रेलवे और बीएसएनएल कर्मचारियों के फेडरेशन का भी समर्थन मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सीटू के संजय कुमार और पीयूष कुमार गुप्ता, एटक के निगमानंद पॉल, सत्येंद्र सिंह और जफर खान, एआईएसएफ के विक्रम कोर, राजू समद और रंजन कुमार यादव समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।