री-एग्जाम सफलतापूर्वक संपन्न, महानिदेशक ने दी पूरी जानकारी
मुख्य बिंदु:
- एनटीए ने नीट से जुड़े वायरल वीडियो को फर्जी करार दिया
- 37 दिनों में दोबारा परीक्षा आयोजित करना बड़ी चुनौती रहा
- 5,440 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल
नई दिल्ली – नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट यूजी 2026 से संबंधित एक वीडियो को भ्रामक और मनगढ़ंत बताते हुए सोशल मीडिया पर सख्त रुख अपनाया है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि एक्स पर तेजी से फैल रहे इस क्लिप में किए गए सभी दावे बेबुनियाद हैं। साथ ही उसने बताया कि परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्बाध रूप से पूरी हो गई।
एजेंसी की ओर से कहा गया कि विद्यार्थियों को भ्रमित करने के इरादे से जानबूझकर गलत सूचना फैलाना एक संगीन अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अलावा बताया गया कि साइबर अपराध समन्वय केंद्र और पुलिस बलों के सहयोग से दोषियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एनटीए ने अभ्यर्थियों, पालकों और सामान्य जनता से अनुरोध किया कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल से ही सूचनाओं की पुष्टि करें। एजेंसी के अनुसार बीस लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों को एक भयमुक्त और निष्पक्ष माहौल मिलना चाहिए।
इसी बीच, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने रविवार को री-एग्जाम के सफल संचालन पर विस्तृत ब्योरा साझा किया। उन्होंने सुरक्षा प्रबंधन, अभ्यर्थियों की संख्या और परिणाम से जुड़ी प्रक्रिया पर भी रोशनी डाली।
महानिदेशक ने बताया कि पिछली परीक्षा निरस्त होने के बाद महज सैंतीस दिनों में राष्ट्रव्यापी पुनर्परीक्षा कराना आसान नहीं था। हालांकि, उन्होंने माना कि कई मंत्रालयों और एजेंसियों के तालमेल से यह संभव हो सका।
उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय, रेलवे, वायुसेना और विदेश मंत्रालय सहित कई संस्थानों ने इस अभियान में अहम योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों और सुरक्षा बलों ने भी प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद की।
अभिषेक सिंह के मुताबिक, इस बार परीक्षा में शामिल छात्रों की संख्या में स्वाभाविक कमी देखी गई। उन्होंने इसकी वजह कुछ विद्यार्थियों का अन्य संस्थानों की ओर रुख करना बताया।
वहीं, आंकड़ों के अनुसार देशभर के 5,440 केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई। इन सभी केंद्रों पर मिलाकर बीस लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
“इतने विशाल स्तर पर परीक्षा का शांतिपूर्ण संचालन अपने आप में एक उपलब्धि है,” महानिदेशक ने कहा। उन्होंने काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर भी विद्यार्थियों का भरोसा बहाल करने की बात दोहराई।
जामताड़ा से लेकर जमशेदपुर तक, देश के विभिन्न हिस्सों में परीक्षा केंद्रों पर कड़ी चौकसी बरती गई थी। उदाहरण के तौर पर जमशेदपुर के केंद्रों पर भी री-एग्जाम मिश्रित प्रतिक्रियाओं के बीच संपन्न हुआ।
इससे पहले, जमशेदपुर में आठ केंद्र इस परीक्षा के लिए तैयार किए गए थे। मंत्रिमंडल सचिवालय ने भी एनटीए महानिदेशक के साथ बैठक के बाद परीक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आने देने की चेतावनी दी थी।
गौरतलब है कि मूल नीट यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द करना पड़ा था। इस मामले में सीबीआई ने पुणे से एक आरोपी प्रोफेसर को भी गिरफ्तार किया था।
बाद में एजेंसी ने घोषणा की थी कि पुनर्परीक्षा इक्कीस जून को आयोजित होगी और आगामी वर्ष से परीक्षा ऑनलाइन प्रारूप में कराई जाएगी। एजेंसी ने यह भी दोहराया कि भविष्य में भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
