पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के आरोपों पर एनसी मंत्रियों ने की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
मुख्य बिंदु:
- सरकार ने कहा- सभी नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट और तय प्रक्रिया के आधार पर
- मंत्री सकीना इत्तू ने महबूबा की आउटसोर्सिंग टिप्पणी पर साधा निशाना
- सलाहकार नासिर वानी बोले- आउटसोर्सिंग व्यवस्था पुरानी सरकार से चली आ रही
श्रीनगर – जम्मू-कश्मीर सरकार ने रविवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के बैकडोर भर्ती संबंधी आरोपों को सिरे से नकार दिया और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट-आधारित बताया।
विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सरकार पर पिछले दरवाजे से नियुक्तियां करने का आरोप लगाया था। इस पर स्पष्टीकरण देने के लिए सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं ने श्रीनगर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, कृषि मंत्री जावेद अहमद डार और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी इस मौके पर मौजूद रहे। सरकार ने कहा कि सभी नियुक्तियां तय भर्ती प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर हो रही हैं।
इसके अलावा मंत्री सकीना इत्तू ने महबूबा मुफ्ती की आउटसोर्सिंग संबंधी टिप्पणी का सीधा जवाब दिया। महबूबा ने दावा किया था कि नौकरियां पीएससी के बजाय आउटसोर्सिंग से भरी जा रही हैं।
इत्तू ने कहा कि इतने बड़े पद पर रहकर भी महबूबा को भर्ती प्रक्रिया की बुनियादी समझ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग को कभी पक्की सरकारी नौकरी नहीं माना जा सकता।
मंत्री के मुताबिक आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे युवा समग्र शिक्षा और मिशन वात्सल्य जैसी केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत नियुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है, न कि नियमित नियुक्ति।
वहीं मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने भी बैकडोर भर्ती के दावों को खारिज किया। उनके मुताबिक हर भर्ती कानूनी और संस्थागत प्रक्रिया से होकर गुजरती है, जिससे सभी उम्मीदवारों को समान मौका मिलता है।
वानी ने कहा कि आउटसोर्सिंग को लेकर जनता में बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है। उनके अनुसार यह व्यवस्था पुरानी सरकार के समय से ही चली आ रही है और उन्हें विरासत में मिली है।
सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि तय कानूनी प्रक्रिया से बाहर कोई नियुक्ति नहीं हो रही है।
इसी क्रम में प्रशासन ने कहा कि सभी विभागों में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच रोजगार के मुद्दे पर टकराव पहले भी सामने आता रहा है।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
