जमशेदपुर: बिष्टूपुर स्थित डीडी बार एंड कैफे के बाहर करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की चाकू मारकर हत्या के बाद शहर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बुधवार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बुधवार को साकची, बिष्टूपुर, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी। वहीं, पूरे दिन चले प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद हिमांशु की पत्नी को सरकारी नौकरी देने के लिखित आश्वासन के बाद देर शाम पार्वती घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों की गैरमौजूदगी में पोस्टमार्टम से बढ़ा आक्रोश
बुधवार तड़के करीब 3:30 बजे उपायुक्त के निर्देश पर एमजीएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हिमांशु सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उस समय परिजन मौजूद नहीं थे, जिससे परिवार और समर्थकों में नाराजगी और बढ़ गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें विश्वास में लिए बिना पोस्टमार्टम कराया गया।
इसके बाद पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन पूरे दिन परिजनों को समझाने में जुटा रहा, लेकिन परिवार सरकारी नौकरी के लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ा रहा। अंततः शाम को प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
पत्नी को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी, स्थायी नियुक्ति के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव
सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और जमशेदपुर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में परिजनों को लिखित आश्वासन सौंपा गया। इसके तहत हिमांशु सिंह की पत्नी रिचा कुमारी को सरकारी एजेंसी एवरग्रीन सर्विसेज के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति देने का भरोसा दिया गया। साथ ही प्रशासन ने स्थायी सरकारी नौकरी के लिए राज्य कैबिनेट में प्रस्ताव भेजने का भी आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई।
छह थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू
हत्या के बाद उत्पन्न तनाव को देखते हुए धालभूम अनुमंडल प्रशासन ने साकची, बिष्टूपुर, सोनारी, कदमा, मानगो और एमजीएम थाना क्षेत्रों में अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, पुतला दहन तथा बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, लाठी-डंडा या अन्य घातक वस्तुएं लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
घर पर जुटे जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर फैली नाराजगी के बीच बुधवार सुबह से ही आदित्यपुर स्थित हिमांशु सिंह के आवास पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार परिजनों के संपर्क में रहे और उन्हें शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए मनाने का प्रयास करते रहे।
शवयात्रा में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
देर शाम हिमांशु सिंह का पार्थिव शरीर उनके आदित्यपुर स्थित आवास से बिष्टूपुर के पार्वती घाट ले जाया गया। शवयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घर पर अंतिम दर्शन के लिए भी भारी भीड़ उमड़ी। इसके बाद पार्वती घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को बिष्टूपुर स्थित डीडी बार एंड कैफे के बाहर हुए विवाद के दौरान हिमांशु सिंह और उनके एक साथी पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनका साथी अभी भी कोलकाता में अस्पताल में भर्ती है। जानकारों के अनुसार उसका इलाज चल रहा है। सुधार है। इधर इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे, जिसके बाद विभाग ने कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है।
अंतिम संस्कार में शामिल हुआ झामुमो प्रतिनिधिमंडल

जमशेदपुर। डबल डाउन हत्याकांड में मृतक हिमांशु के अंतिम संस्कार के अवसर पर बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का एक प्रतिनिधिमंडल श्मशान घाट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में पोटका विधायक संजीव सरदार, बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती, जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन तथा जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत हिमांशु को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संवेदनाएं पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ हैं और राज्य सरकार हर मुमकिन सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
