August 30, 2026
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यातायात बाधित करने पर टीएमसी नेताओं पर एफआईआर

यातायात बाधित करने पर टीएमसी नेताओं पर एफआईआर

 

शहीद दिवस मंच की तैयारी के दौरान सड़क घेरने का आरोप, नोटिस जारी

मुख्य बिंदु:

  • कुणाल घोष, डोला सेन और चट्टोपाध्याय के खिलाफ मामला दर्ज
  • एस्प्लेनेड में सड़क निरीक्षण के दौरान यातायात ठप हुआ
  • सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी की अंदरूनी फूट पर साधा निशाना

कोलकाता – पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सड़क यातायात बाधित करने के आरोप में तीन वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेताओं के विरुद्ध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई हरे स्ट्रीट थाने में सोमवार को हुई।

घटना रविवार को एस्प्लेनेड क्षेत्र में हुई थी। कुणाल घोष, डोला सेन और बैसवानर चट्टोपाध्याय विक्टोरिया हाउस के सामने सड़क का जायजा लेने पहुंचे थे।

यह दौरा पार्टी के आगामी शहीद दिवस समारोह की मंच-तैयारियों से जुड़ा था। यह कार्यक्रम हर वर्ष 21 जुलाई को आयोजित किया जाता है।

हालांकि, निरीक्षण के दौरान वहां भीड़ जुट गई और कई वाहन भी रुक गए। इससे व्यस्त समय में आम राहगीरों को भारी असुविधा हुई।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह बाधा 28 जून को दोपहर लगभग 2:50 बजे से 4 बजे तक बनी रही। इसी आधार पर तीनों नेताओं पर मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद हरे स्ट्रीट पुलिस ने तीनों को औपचारिक नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में घटना पर उनका पक्ष जानने की बात कही गई है।

इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष किया। उनका कहना था कि शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर पार्टी के भीतर ही गहरे मतभेद उभर आए हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी ने शुरू में रानी रश्मोनी रोड पर रैली के लिए अनुमति मांगी थी। बाद में यह योजना बदलकर सड़क किनारे सभा करने की दी गई।

अब एक बार फिर नए सिरे से अनुमति का अनुरोध किया जा रहा है। एक स्थानीय पर्यवेक्षक ने बताया, “हर साल इस आयोजन की जगह बदलना ही असमंजस की वजह बन जाता है।”

मुख्यमंत्री ने आगे तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के एक गुट का दावा है कि वही असली तृणमूल कांग्रेस है। इसके विपरीत दूसरा धड़ा स्वयं को पूरी तरह से अलग बता रहा है।

दरअसल, 21 जुलाई का शहीद दिवस कार्यक्रम लंबे समय से तृणमूल की राजनीति का अहम हिस्सा रहा है। यह आयोजन 1993 के युवा कांग्रेस प्रदर्शन में मारे गए 13 लोगों की स्मृति में होता है।

इस वर्ष भी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट एस्प्लेनेड में आयोजन की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस से संपर्क में है। साथ ही, पार्टी के भीतर का एक और गुट भी उसी स्थान और तारीख के लिए अलग से अनुमति मांग रहा है।

इस आंतरिक खींचतान ने तृणमूल कांग्रेस में मौजूदा दरार को और उजागर कर दिया है। बीते कुछ महीनों में पार्टी के कई नेताओं ने अलग रुख अपनाया है।

इसी क्रम में हाल ही में पार्टी ने दो बागी सांसदों को बदला था, जिससे असंतोष की पुष्टि होती है। इसके अलावा एक राज्यसभा सांसद ने भी इस्तीफा दे दिया था।

वहीं, राज्य की सत्ता में फेरबदल के बाद से प्रशासनिक स्तर पर भी कई बदलाव देखे गए हैं, जिनमें शिक्षा विभाग का बंटवारा भी शामिल है। मामले को लेकर पुलिस जांच जारी है।

फिलहाल पुलिस की ओर से इस घटना की आगे की जांच जारी रखी गई है। संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)

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