September 9, 2026
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झारखंड के बोकारो से लापता पुष्पा कुमारी मामले में बड़ा खुलासा, बरामद कंकाल के दांत का DNA मैच, हाईकोर्ट ने मांगी प्रगति रिपोर्ट

झारखंड के बोकारो से लापता पुष्पा कुमारी मामले में बड़ा खुलासा, बरामद कंकाल के दांत का DNA मैच, हाईकोर्ट ने मांगी प्रगति रिपोर्ट

रांची: झारखंड के बोकारो जिले से करीब 11 महीने पहले लापता हुई 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी मामले में गुरुवार को महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई। कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट में बरामद कंकाल के एक दांत से प्राप्त डीएनए का मिलान पुष्पा कुमारी के डीएनए प्रोफाइल से होने की पुष्टि की गई है।

गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट का अवलोकन किया। हालांकि, विशेषज्ञ अभी तक पूरे कंकाल के डीएनए का पुष्पा के माता-पिता के डीएनए से पूर्ण मिलान नहीं कर पाए हैं।

31 जुलाई 2025 से लापता थी पुष्पा

बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र की रहने वाली पुष्पा कुमारी 31 जुलाई 2025 को अचानक लापता हो गई थी। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी मां रेखा देवी ने बेटी की तलाश के लिए झारखंड हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका दायर की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दिनेश कुमार महतो नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में युवती की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। उसके निशानदेही पर पुलिस ने एक स्थान से मानव कंकाल भी बरामद किया था।

परिवार अब भी नहीं मान रहा कंकाल को पुष्पा का

फॉरेंसिक रिपोर्ट में डीएनए मिलान की पुष्टि के बावजूद पुष्पा का परिवार लगातार यह दावा कर रहा है कि बरामद कंकाल उनकी बेटी का नहीं है। परिवार की आपत्ति को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले कंकाल और परिजनों के डीएनए नमूनों को अंतिम जांच के लिए कोलकाता स्थित सीएफएसएल भेजने का निर्देश दिया था।

गुरुवार को विशेष जांच दल (SIT) के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पुष्पा का परिवार अभी भी इस निष्कर्ष को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है कि बरामद अवशेष उसी के हैं।

हाईकोर्ट ने मांगी कार्रवाई और प्रगति रिपोर्ट

मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि जांच के शुरुआती चरण में कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

अदालत ने पुलिस को बरामद कंकाल का पंचनामा और अन्य सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं तत्काल पूरी करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की सभी कार्रवाई उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप की जानी चाहिए।

फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अदालत इस पर आगे भी निगरानी रखेगी।

(IANS इनपुट के सहयोग से)

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