सोमवार को विधानसभा में पेश होगा यूसीसी विधेयक, बनेगा चौथा राज्य
मुख्य बिंदु:
- सीएम सुवेंदु अधिकारी ने लव जिहाद-धर्मांतरण पर सख्त कानून का किया एलान
- बंगाल बनेगा यूसीसी अपनाने वाला चौथा राज्य, सोमवार को पेश होगा विधेयक
- शरणार्थियों को सीएए के तहत मिलेगी नागरिकता, घुसपैठियों पर सख्ती जारी
कोलकाता – पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून लाने की तैयारी में है, यह बात मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कही।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद रोकने के लिए सरकार सख्त कानून लाएगी।
मुख्यमंत्री राष्ट्रगीत वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन्हीं आदर्शों के सहारे आगे बढ़ेगी। समान नागरिक संहिता के साथ ही भूमि जिहाद और जबरन धर्मांतरण पर भी सख्त कानून लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब राष्ट्रविरोधी ताकतों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल को चैतन्य देव, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती बताया।
इसके साथ ही उन्होंने अवैध घुसपैठियों को पहले हिरासत केंद्र भेजने की बात दोहराई। उनके मुताबिक इसके बाद घुसपैठियों को उनके मूल स्थान वापस भेजा जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं करेगी। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने जनता को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री बोले, “जनता ने राज्य को बचाने का आधा काम पहले ही कर दिया है। बाकी काम अब हमारी सरकार पूरा करेगी।
जो लोग ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाते हैं और राष्ट्र का अपमान करते हैं, उनके लिए जगह नहीं होगी। पहलगाम हमले के दौरान चुप रहने वालों को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक उत्पीड़न झेल चुके शरणार्थियों को राहत मिलेगी। ऐसे सभी शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी बीजेपी नेतृत्व वाले राजग गठबंधन की जीत के बाद सत्ता में आए हैं। उनकी सरकार ने ममता बैनर्जी के लंबे शासन काल के बाद राज्य की कमान संभाली है।
इसके अलावा सोमवार को विधानसभा में पांच नए विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें सबसे अहम समान नागरिक संहिता और असामाजिक गतिविधियों से जुड़ा विधेयक होगा।
समान नागरिक संहिता पेश होने के साथ पश्चिम बंगाल चौथा ऐसा राज्य बन जाएगा। यह धर्म आधारित पर्सनल लॉ की जगह एक समान नागरिक प्रणाली लागू करेगा।
यह संहिता धर्म, जाति या जनजाति के भेद के बिना सभी नागरिकों पर लागू होगी। इससे पहले उत्तराखंड, गुजरात और असम समान नागरिक संहिता अपना चुके हैं।
वंदे मातरम गीत 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था। यह गीत आजादी के आंदोलन के दौरान देशभक्ति का प्रतीक बन गया था।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
