संदेशखाली जैसे मामलों की फाइल खुलने का वीएचपी ने किया स्वागत
मुख्य बिंदु:
- वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर बोले- इमरजेंसी भारतीय लोकतंत्र पर बड़ा कलंक
- हुसैन दलवई के बयान पर पलटवार, कहा भारत हमेशा से हिंदू राष्ट्र रहा
- ममता राज में अपराधियों को मिली छूट, अब लंबित मामले फिर खुलेंगे
मुंबई – विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने एनसीईआरटी की किताबों में इमरजेंसी अध्याय शामिल करने का बचाव करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश करार दिया।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीराज नायर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उनके मुताबिक आपातकाल इसी लोकतंत्र को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश थी।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल के नाम पर मीडिया की आवाज दबाई। विपक्षी नेताओं को महीनों जेल में रखा गया और सरकारी संस्थानों पर पाबंदी लगाई गई।
नायर के अनुसार यह भारतीय इतिहास पर एक बड़ा कलंक है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी पाठ्यक्रम के जरिए आपातकाल की असली सच्चाई जान सकेगी।
इसके अलावा उन्होंने हुसैन दलवई पर भी तीखा हमला बोला। नायर ने कहा कि दलवई बेबुनियाद बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को हिंदुत्व की सही जानकारी मिलनी चाहिए। नायर ने यह भी दावा किया कि भारत का बंटवारा सिर्फ धर्म के आधार पर हुआ था।
उनके मुताबिक भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। इसी क्रम में उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी अपनी बात रखी।
नायर ने कहा कि चुनाव के बाद बंगाल में सरकार बदली और अब सुवेंदु अधिकारी नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में गंभीर अपराध हुए।
उनके मुताबिक उस दौर में अपराधियों को खुली छूट मिली थी और तुष्टीकरण की राजनीति चलती रही। नायर ने संदेशखाली जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि कई जिले अपराधियों के कब्जे में रहे।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में अपराधियों को सजा नहीं मिली। वहीं नई सरकार ने पुरानी लंबित फाइलें फिर से खोलने का फैसला किया है।
विश्व हिंदू परिषद ने इस फैसले का पूरा समर्थन किया है। नायर ने भरोसा जताया कि अब अपराधियों को कड़ी सजा मिलेगी, जिससे भविष्य में कोई भी सरकार अपराधियों को बढ़ावा देने की हिम्मत नहीं करेगी।
