August 30, 2026
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जमशेदपुर

पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर: दो दिनों में तीन बच्चों की मौत, नौ नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर: दो दिनों में तीन बच्चों की मौत, नौ नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया (सेरेब्रल मलेरिया) का कहर जारी है। पिछले दो दिनों में तीन स्कूली बच्चों की मौत से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लगातार नए मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में निगरानी, जांच और उपचार अभियान तेज कर दिया है।

कस्तूरबा की छात्रा समेत तीन मासूमों की मौत

शुक्रवार को कंदर गांव निवासी आठ वर्षीय सुबोला सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई। इससे एक दिन पहले पोटका के पीएम-श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा लखी सरदार तथा दौरदोड़िया गांव के आठ वर्षीय राहुल सरदार की भी इसी बीमारी से जान चली गई थी।

सुबोला की एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उसका इलाज हाता स्थित तारा सेवा सदन अस्पताल में चल रहा है।

शुक्रवार को मिले नौ नए मरीज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को ब्रेन मलेरिया के नौ नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तीन छात्राएं और सबर समुदाय का नौ माह का एक शिशु भी शामिल है।

संक्रमित छात्राओं की पहचान कक्षा 10 की प्रियंका महाकुड़, कक्षा 6 की लक्ष्मी टुडू और कक्षा 8 की सुकुरमुनी भूमिज के रूप में हुई है। तेज बुखार आने पर तीनों को पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। प्रियंका की मां सलमा महाकुड़ भी जांच में संक्रमित पाई गई हैं।

कई मरीजों का चल रहा इलाज

गंभीर स्थिति को देखते हुए पितिदिरी गांव के एम. सबर, मिंकी सबर और नौ माह के एक शिशु को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर किया गया है। जमशेदपुर में बीमारों का इलाज चल रहा है।

इसके अलावा चांदपुर गांव की संप्रिया सिंह और उनकी बेटी कार्तिक सिंह भी ब्रेन मलेरिया से संक्रमित पाई गई हैं और उनका इलाज जारी है। वहीं गोमिया साई की 12 वर्षीय अमीषा भूमिज तथा सेरेंगडीह के 17 वर्षीय भीम सरदार का भी उपचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। संग्राम गांव में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 68 लोगों की जांच की गई, हालांकि वहां कोई नया संक्रमित मरीज नहीं मिला।

पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि मेडिकल टीमें लगातार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगा रही हैं। बुखार की जांच, मरीजों की स्क्रीनिंग और मच्छर नियंत्रण अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पूर्वी सिंहभूम जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। विभाग ने लोगों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है।

लगातार हो रही बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। अभिभावकों ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि संक्रमण पर नियंत्रण पाने और सभी मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थिति पर पैनी नजर नहीं रखी गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

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