जमशेदपुर : जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु हत्याकांड को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भानु प्रताप शाही ने हत्या के आरोपियों के साथ मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज कर स्पीडी ट्रायल चलाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा आंदोलन के साथ-साथ जमशेदपुर बंद का आह्वान भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में थोड़ी सी भी लापरवाही हुई तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के लिए केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी समान रूप से जिम्मेदार हैं।
उन्होंने मांग की कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए।
शाही ने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की पूरी तरह विफलता का उदाहरण है। उनका आरोप था कि पुलिस की मौजूदगी और संरक्षण में अपराधियों ने हिमांशु सिंह पर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
उन्होंने कहा कि इस मामले के सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उन्हें फांसी दी जानी चाहिए।
जमशेदपुर अपराध का गढ़ बनता जा रहा
भानु प्रताप शाही ने कहा कि पिछले कई महीनों से जमशेदपुर में अपराध लगातार बढ़ रहा है। हत्या, डकैती, चापड़बाजी, चेन स्नैचिंग और फिरौती के लिए हमले जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि शहर की महिलाएं भी अब सुरक्षा के अभाव में घर से बाहर निकलते समय अपने आभूषण पहनने से बच रही हैं।
ट्रैफिक जांच के नाम पर वसूली का आरोप
पूर्व मंत्री ने पुलिस पर वाहन जांच के नाम पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में लगभग 2,800 पुलिसकर्मी हैं, जिनमें से करीब 1,600 ड्यूटी पर तैनात हैं और 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को केवल ट्रैफिक जांच में लगाया गया है।
उनका कहना था कि यह काम आधुनिक सीसीटीवी व्यवस्था के जरिए भी किया जा सकता है, लेकिन ट्रैफिक जांच के नाम पर आम लोगों का भयादोहन किया जा रहा है।
शाही ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक जांच के दौरान होने वाली वसूली का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा सरकारी खजाने में जमा होता है, जबकि शेष राशि का बंटवारा विभिन्न स्तरों पर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जब पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग पैसे लेकर होगी तो कानून व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, ऐसे पुलिसकर्मी पहले अपनी लगाई गई रकम की भरपाई में जुट जाते हैं, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है।
सुधार नहीं हुआ तो होगा आंदोलन, जमशेदपुर बंद की चेतावनी
एक सवाल के जवाब में भानु प्रताप शाही ने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भाजपा आंदोलन करेगी और जरूरत पड़ने पर जमशेदपुर बंद भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र के मंत्री और सत्तारूढ़ दल के विधायक इस स्थिति के लिए जवाबदेह हैं और उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
विधायक पूर्णिमा साहू बोलीं- अधिकारी ‘क्वारंटीन’ होकर घर बैठे हैं
भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने भी जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ अधिकारी मानो “क्वारंटीन” होकर घरों में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कभी ग्रीन सिटी कहलाने वाला जमशेदपुर अब अपराधियों का शहर बनता जा रहा है।
उनके अनुसार अपराधियों में पुलिस का कोई भय नहीं है, सरकार का पुलिस पर नियंत्रण नहीं है और पुलिस का अपराधियों पर। उन्होंने यह भी कहा कि अब अपराधी सोशल मीडिया पर खुलेआम पुलिस को चुनौती देने लगे हैं।
दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बंद का ऐलान
जिला भाजपा अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि यदि हिमांशु हत्याकांड के सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार नहीं किए गए और संबंधित पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो भाजपा जमशेदपुर बंद का आह्वान करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तक संघर्ष जारी रहेगा।
