जमशेदपुर: शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के नेतृत्व में 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है।
बंद से एक दिन पहले, 2 जुलाई को शहर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह निर्णय विधायक सरयू राय के आवास पर आयोजित सर्वदलीय एवं सर्वसमाज की कोर कमेटी की बैठक में लिया गया।
प्रशासन के आग्रह पर स्थगित हुई बैठक
सरयू राय ने बताया कि बुधवार शाम 4 बजे सर्वदलीय, सर्वसमाज और प्रबुद्ध नागरिकों की एक बैठक प्रस्तावित थी। हालांकि प्रशासन द्वारा निषेधाज्ञा लागू किए जाने और बैठक स्थगित करने के अनुरोध के बाद कार्यक्रम को टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के आग्रह का पूरा सम्मान करते हुए बैठक स्थगित की गई।
2 जुलाई को होगी बड़ी बैठक
विधायक ने बताया कि 3 जुलाई के बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से 2 जुलाई को एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। इसके बाद शहर में मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में चापड़ से जुड़े लगभग 1300 मामले सामने आए हैं, जो किसी भी शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के अधिकांश इलाकों में जुआ और अवैध शराब के अड्डे खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए 2 जुलाई को मशाल जुलूस और 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का निर्णय लिया गया है।
जनता से सहयोग की अपील
सरयू राय ने शहरवासियों से अपील की कि वे कानून-व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित मशाल जुलूस और 3 जुलाई के बंद को सफल बनाने में सहयोग करें।
कोर कमेटी की बैठक में रहे मौजूद
बैठक में शंभु नाथ सिंह, वाईपी सिंह, निशांत कुमार, सुखदेव, अनिकेत सिंह सावरकर, सुबोध श्रीवास्तव, सतीश सिंह, मुन्ना सिंह, राघवेंद्र प्रताप उर्फ झुन्ना, मृत्युंजय सिंह सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
