बंगाली सेवा समिति ने कोल्हान विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति और नियमित पढ़ाई की मांग उठाई
- मुख्य बिंदु:
- बंगाली सेवा समिति ने कुलपति को सौंपा मांग पत्र
- यूजी और पीजी स्तर पर नियमित पढ़ाई शुरू करने की मांग
- कुलपति ने जल्द आवश्यक कार्रवाई का दिया आश्वासन
चाईबासा – बंगाली सेवा समिति ने कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति से मिलकर विभिन्न कॉलेजों में बंगाली भाषा की पढ़ाई दोबारा नियमित रूप से शुरू करने की मांग उठाई।
बंगाली सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में कुलपति डॉ. एजिला गुप्ता से शिष्टाचार मुलाकात की।
इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को गुलदस्ता भेंट किया। उन्होंने बंगाली भाषा की पढ़ाई बहाल करने संबंधी मांग पत्र भी सौंपा।
समिति ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बड़ी संख्या में बंगाली भाषी लोग रहते हैं।
हालांकि, विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में बंगाली भाषा की पढ़ाई प्रभावित है। शिक्षकों की कमी से छात्रों को परेशानी हो रही है।
इसके अलावा, समिति ने बंगाली विभाग को पुनर्जीवित करने की मांग की। उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर नियमित कक्षाएं शुरू कराने का आग्रह किया।
वहीं, कुलपति डॉ. एजिला गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके बाद, उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक होगी। नियमों के अनुरूप आवश्यक निर्णय भी लिए जाएंगे।
इसी बीच, समिति के पदाधिकारियों ने भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए शीघ्र कार्रवाई की अपील की।
[titleकोल्हान विवि में बंगाली भाषा की पढ़ाई फिर शुरू करने की मांग, कुलपति को सौंपा ज्ञापन]

