सांसद मनोज कुमार बोले- बिहार चुनाव में धांधली का अध्याय भी हो शामिल
मुख्य बिंदु:
- एनसीईआरटी की कक्षा 9 किताब में इमरजेंसी अध्याय पर सियासी घमासान तेज
- कांग्रेस सांसद मनोज कुमार बोले- बिहार चुनाव में हुई धांधली भी पढ़ाई जाए
- भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने चुनाव आयोग पर अध्याय का किया स्वागत
नई दिल्ली – एनसीईआरटी की कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल पर अध्याय शामिल किए जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी सियासी बहस छिड़ गई है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की किताब में इमरजेंसी पर नया अध्याय जोड़ा है। सत्ता पक्ष इसे छात्रों को सच्चाई बताने वाली पहल करार दे रहा है।
वहीं विपक्ष इस फैसले को एकतरफा और गलत बता रहा है। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि सिर्फ इमरजेंसी ही नहीं, हाल की घटनाएं भी पाठ्यक्रम में शामिल होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर इमरजेंसी पढ़ाई जा रही है तो बिहार चुनाव में हुई गड़बड़ी भी पढ़ाई जानी चाहिए। चुनाव से पहले सरकारी खजाने से लोगों के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, यह बात भी जोड़ी जाए।”
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में पार्टी प्रत्याशी को समय नहीं मिला, जबकि झारखंड में बार-बार समय दिया गया। मनोज कुमार ने कहा कि पहले वोट चुराए जाते थे, अब सीटें चुराई जा रही हैं।
इसके अलावा कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर पार्टी प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इंसान भले ही सामाजिक-धार्मिक प्रवृत्ति के साथ जन्म लेता है, पर शिक्षा का मकसद वैज्ञानिक सोच विकसित करना होना चाहिए।
राजपूत ने आरोप लगाया कि मौजूदा शैक्षणिक ढांचे में बच्चों को एक खास विचारधारा की ओर मोड़ने की कोशिश हो रही है। उनके मुताबिक शिक्षा का लक्ष्य बच्चों में तार्किक सोच पैदा करना होना चाहिए।
दूसरी ओर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने चुनाव आयोग पर शामिल अध्याय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी।
खंडेलवाल के अनुसार पहले पाठ्यक्रम में कई ऐसी बातें थीं जो देश हित में नहीं थीं, इसलिए सुधार जरूरी था। उन्होंने कहा कि छात्रों को चुनाव प्रक्रिया की सही जानकारी मिलनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने भी इस कदम का समर्थन किया। उनके मुताबिक चुनाव आयोग पर अध्याय छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
सिंह ने कहा कि इससे विद्यार्थियों को मतदान प्रक्रिया की समझ बेहतर होगी। उनके अनुसार 18 साल की उम्र में मतदान करते समय छात्र अधिक जिम्मेदार मतदाता बन सकेंगे।
इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी सियासत गरमा गई है। खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी बिना सूचना के विदेश जाते रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनकी यात्राओं में अक्सर पारदर्शिता की कमी रहती है। खंडेलवाल के मुताबिक राहुल गांधी अक्सर सार्वजनिक जीवन से अचानक गायब हो जाते हैं।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
