जमशेदपुर : जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में मिली महिला की हत्या के मामले में रेल सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) ने आधुनिक तकनीक की मदद से सनसनीखेज खुलासा किया है। सीसीटीवी फुटेज, यूपीआई ट्रांजेक्शन, साइबर ट्रैकिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह मामला 6 जून 2026 का है। उस दिन हटिया-टाटा एक्सप्रेस (18602) के एक कोच में एक युवती अचेत अवस्था में मिली थी। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 15 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में परिवर्तित कर गहन जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में महिला एक युवक के साथ स्टेशन पर आती और उसी के साथ ट्रेन में सवार होती दिखाई दी। इसी दौरान स्टेशन के एक स्टॉल पर युवक द्वारा किए गए यूपीआई भुगतान ने जांच को अहम सुराग दिया।
साइबर टीम ने यूपीआई ट्रांजेक्शन के आधार पर मोबाइल नंबर, लोकेशन और अन्य डिजिटल जानकारी जुटाई। इसके बाद बैंक रिकॉर्ड और केवाईसी दस्तावेजों की जांच से आरोपी की पहचान कुमार ऋषभ (20), निवासी पूर्वी चंपारण (बिहार) के रूप में हुई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रांची के बरियातू थाना में दर्ज एक गुमशुदगी मामले का संबंध भी इसी महिला से था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने मृतका की पहचान माला देवी (27) के रूप में की और हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि माला देवी उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी वजह से वह उसे ट्रेन में लेकर गया और दोनों के बीच विवाद होने पर मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया था।
रेल पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, यूपीआई ट्रांजेक्शन, साइबर ट्रेसिंग और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के समन्वित विश्लेषण से आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका। अधिकारियों ने इसे आधुनिक तकनीक और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
