टंगरा स्थित बाबा विश्वनाथ शिव मंदिर में 1001 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शुभारंभ
मुख्य बिंदु:
1001 महिलाओं ने जुमार नदी से पवित्र जल लाकर निकाली कलश यात्रा
1 से 9 जुलाई तक चलेगा प्राण प्रतिष्ठा सह महा रुद्र यज्ञ
पूर्व सांसद रामटहल चौधरी समेत संतों और गणमान्यों की रही उपस्थिति
राँची, टंगरा (बूटी):झारखंड की राजधानी राँची के बूटी मोड़ स्थित टंगरा का पूरा क्षेत्र इन दिनों शिवभक्ति के अलौकिक रंग में सराबोर हो उठा है।
बाबा विश्वनाथ शिव मंदिर, टंगरा में नौ दिवसीय भव्य ‘प्राण प्रतिष्ठा सह महा रूद्र यज्ञ’ का शंखनाद अत्यंत ही श्रद्धा और उल्लास के साथ हो चुका है।
1 जुलाई 2026 से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान आगामी 9 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसने पूरे क्षेत्र को देवाधिदेव महादेव की आराधना का केंद्र बना दिया है।
1001 माताओं-बहनों ने उठाया कलश, जुमार नदी से लाया गया पवित्र जल
इस नौ दिवसीय महायज्ञ का ऐतिहासिक प्रारंभ 1 जुलाई को एक अति भव्य और दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
जैसे ही मंदिर प्रांगण से कलश यात्रा शुरू हुई, पूरा इलाका ‘जय शिव शंभू’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
इस पावन यात्रा में 1001 महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर भाग लिया।
भव्य कलश वाहिनी जुमार नदी पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरा गया। इसके बाद सिर पर कलश लिए श्रद्धालु महिलाएं जब पुनः बाबा विश्वनाथ शिव मंदिर की ओर बढ़ीं, तो ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात देवलोक धरती पर उतर आया हो। इस अलौकिक दृश्य ने हर सनातनी का हृदय भक्ति रस से भर दिया।
दिग्गजों और संतों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अनुष्ठान और कलश यात्रा को सफल बनाने में बाबा विश्वनाथ शिव मंदिर के सभी सम्मानित सदस्यों ने अपनी अहर्निश सेवा दी।
इस मांगलिक अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य जन, राजनेता और आध्यात्मिक विभूतियां साक्षी बनीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे: रामटहाल चौधरी (भूतपूर्व सांसद), डॉ. वीरेंद्र साहू (विश्व हिंदू परिषद), डॉ. जीवाधान साहू, यज्ञाचार्य चक्रपाणि जी महाराज (जिनके सानिध्य में यज्ञ संपन्न हो रहा है), परम पूज्या देवी श्वेतांभरा जी (प्रख्यात कथावाचक), डॉ. रुद्र नारायण,नेपाल महतो व रणधीर चौधरी।
सभी अतिथियों और संतों की उपस्थिति ने इस धार्मिक उत्सव की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।
भक्तिमय हुआ संपूर्ण वातावरण
कलश यात्रा के संपन्न होने के साथ ही महा रूद्र यज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का विधि-विधान प्रारंभ हो चुका है।
यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
धूप-दीप की सुगंध, वेदमंत्रों की ध्वनि और शंखनाद से टंगरा और बूटी का पूरा वातावरण शुद्ध, सात्विक और दिव्य हो गया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा विश्वनाथ की कृपा से टंगरा की इस पावन भूमि पर ऐसा दुर्लभ अवसर आया है। आगामी 9 जुलाई तक यहाँ साक्षात महादेव का वास रहेगा।
यदि आप भी आत्मिक शांति और बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा पाना चाहते हैं, तो इस महा रूद्र यज्ञ में सम्मिलित होकर पुण्य के भागीदार बनें।

