जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, कहा- यह उद्योग केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित एसीसी (ACC) उद्योग को बचाने की मांग को लेकर कर्मचारियों, उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने बुधवार को विशाल पदयात्रा निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारियों ने करीब 16 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए चाईबासा समाहरणालय पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और उद्योग के भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एसीसी उद्योग केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। यदि उद्योग का संचालन प्रभावित होता है या उत्पादन बंद होता है तो इसका सीधा असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय कारोबार पर पड़ेगा।
उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर उद्योग को सुचारु रूप से संचालित रखने की मांग की।
पदयात्रा के दौरान कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने हाथों में बैनर एवं तख्तियां लेकर रोजगार बचाने, उद्योग को बंद होने से रोकने तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा की मांग उठाई। पूरे रास्ते आंदोलनकारी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
समाहरणालय पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उद्योग के संचालन को निरंतर बनाए रखने, कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में कर्मचारी, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए और पदयात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रदर्शनकारियों की शिकायत यह भी है कि सरकार की आेर से अब तक इस मामले में न तो बयान आ रहा है और न मजदूरों का दर्द समझा जा रहा है।
1936 में हुई थी एसीसी कंपनी की स्थापना
एसीसी (Associated Cement Companies Limited) देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित सीमेंट कंपनियों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1936 में कई प्रमुख सीमेंट कंपनियों के विलय के बाद हुई थी।
भारतीय सीमेंट उद्योग के विकास में एसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और दशकों से यह देश के प्रमुख सीमेंट उत्पादकों में शामिल रही है।
चाईबासा स्थित एसीसी सीमेंट संयंत्र झारखंड के सबसे पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में गिना जाता है। इस संयंत्र ने वर्षों तक न केवल क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया, बल्कि आसपास के बाजार, परिवहन, छोटे व्यवसाय और सामाजिक विकास को भी गति दी।
यही कारण है कि उद्योग से जुड़े किसी भी संकट को स्थानीय लोग पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और हजारों परिवारों के भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं।
