पूर्व मंत्री ने निष्पक्ष जांच, त्वरित कार्रवाई और हरसंभव न्याय का दिलाया भरोसा
मुख्य बिंदु:
- बन्ना गुप्ता ने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया
- मुख्यमंत्री से बात कर त्वरित जांच की मांग करने की घोषणा
- पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का भी किया आश्वासन
जमशेदपुर / आदित्यपुर: शहर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुए विवाद के बाद आदित्यपुर के ओम नगर निवासी व करणी सेना के युवा अध्यक्ष हिमांशु सिंह की नृशंस हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
इस हत्याकांड को लेकर बुधवार को दिन भर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज रही।
पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और न्याय की मांग को बुलंद करने के लिए नेताओं और अधिकारियों का उनके आवास पर आना-जाना लगा रहा।
इसी कड़ी में राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बन्ना गुप्ता अपनी पत्नी सह मानगो की मेयर सुधा गुप्ता के साथ हिमांशु के आदित्यपुर स्थित आवास पहुंचे।
परिजनों की चीत्कार से पसीजा दिल, बन्ना गुप्ता ने बंधाया ढाढस
हिमांशु के घर पहुंचते ही पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और सुधा गुप्ता ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढाढस बंधाया।
इस दौरान घर का माहौल बेहद गमगीन था। परिजनों को सांत्वना देते हुए बन्ना गुप्ता भावुक हो गए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम हिमांशु को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन इस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जो कुछ भी संभव होगा, वो करेंगे। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री से करेंगे बात, निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए बनाएंगे दबाव
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने प्रशासन के ढुलमुल रवैए पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर सीधे मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
उन्होंने आश्वस्त किया कि वह सरकार पर चौतरफा दबाव बनाएंगे ताकि मामले की निष्पक्ष और त्वरित (फास्ट-ट्रैक) जांच हो सके।
बन्ना गुप्ता ने मांग की कि एक निश्चित समय सीमा (Time Frame) के भीतर जांच पूरी कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए।
मुआवजा और कानून के दायरे में हर मांग पूरी कराने का आश्वासन
परिजनों से बातचीत के दौरान बन्ना गुप्ता ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ हर मोड़ पर खड़े हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि परिवार को सरकार की ओर से समुचित मुआवजा दिलाने और उनकी अन्य जायज मांगों को कानून के दायरे में रहते हुए पूरा कराने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे।
आखिर क्या है पूरा मामला?
बता दें कि, शनिवार की देर रात बिष्टुपुर के डीडी बार में हुए विवाद के बाद जब हिमांशु सिंह अपने दोस्त प्रत्युष के साथ वहां खड़े पुलिसकर्मियों के वाहन में उनके संरक्षण में थे तभी अपराधी पहुंचे और उन्हें पुलिस वाहन से खींचकर बाहर निकाला और चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
बाद में हिमांशु को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया जहां सोमवार की शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रत्यूष का इलाज कोलकाता में चल रहा है उसकी स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है।
इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की सुस्ती के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इस हत्याकांड ने न सिर्फ एक परिवार का चिराग बुझा दिया है, बल्कि पूरे जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
अब देखना यह है कि हाई-प्रोफाइल नेताओं के हस्तक्षेप और चौतरफा दबाव के बाद जिला पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और हिमांशु के लाचार माता-पिता को कब तक इंसाफ मिल पाता है।

