जमशेदपुर: जमशेदपुर में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को नहीं मालूम कि उनका पीएफ-ईएसआई कितना कटता है। संबंधित कार्यालय की ओर से भी श्रमिकों को इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।
बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सफाईकर्मियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं मिलने और पीएफ-ईएसआई से जुड़ी अनियमितताओं पर गंभीर चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा तय वेतन मिलना चाहिए और उनके वेतन से होने वाली पीएफ व ईएसआई कटौती की पूरी जानकारी भी दी जानी चाहिए।
बुधवार को विधायक सरयू राय अपने प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा के साथ सोनारी के कुंज नगर क्षेत्र के निरीक्षण पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और सफाईकर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान पता चला कि कुंज नगर में स्वीकृत 50 सफाईकर्मियों के मुकाबले केवल 32 कर्मचारी ही कार्यरत थे। कम संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी के कारण क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सफाईकर्मियों ने विधायक से शिकायत की कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित पूरा वेतन नहीं मिल रहा है।
बताया कि झारखंड सरकार की ओर से 1 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार अकुशल (अनस्किल्ड) मजदूरों को प्रतिदिन 491 रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए। इसी राशि में से पीएफ और ईएसआई की कटौती की जानी है।
हालांकि, सफाईकर्मियों ने बताया कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं है कि उनके वेतन से पीएफ और ईएसआई के नाम पर कितनी राशि काटी जाती है।
इस पर विधायक ने तत्काल जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के संबंधित अधिकारी से फोन पर बात कर पीएफ और ईएसआई कटौती का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जो सफाईकर्मी अभी तक ईएसआई योजना के दायरे में नहीं आए हैं, उन्हें जल्द से जल्द इसका लाभ दिया जाए।
ने कहा कि जेएनएसी को शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि पिछले लगभग दस वर्षों से सफाई व्यवस्था में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने और पूरी व्यवस्था को व्यवस्थित करने की जरूरत है। उन्होंने इस संबंध में जेएनएसी से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
बताया कि वह जल्द ही कदमा और मानगो क्षेत्र का भी निरीक्षण करेंगे। मानगो नगर निगम से सफाईकर्मियों और ठेकेदारों की संख्या संबंधी जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि सफाईकर्मी समय पर ड्यूटी पर पहुंचते हैं या नहीं तथा क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से एक जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। इसलिए अब सफाई व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाने के लिए एक प्रभावी सिस्टम विकसित करना आवश्यक है। इस निरीक्षण के दौरान रवि ठाकुर, रणजीत प्रसाद सहित कई स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
वैसे यदि श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है तो संबंधित विभाग भी इस मामले में मौन है।
