जमशेदपुर /रांची : जमशेदपुर में हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के एसएसपी पीयूष पाण्डेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफल बताते हुए पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश दिया है।
जमशेदपुर के SSP व सरायकेला SP हटाए गए, CM हेमंत सोरेन का बड़ा एक्शन
जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पाण्डेय और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पदों से हटाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के कारण उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया जा रहा है।

चाईबासा आयुक्त, एडीजी व डीआईजी को कैंप करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने चाईबासा के आयुक्त और रांची के एडीजी को संबंधित क्षेत्र में लगातार कैंप कर प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। वहीं, डीआईजी को जमशेदपुर में कैंप कर स्थिति की लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार के लिए जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हिमांशु कुमार सिंह हत्याकांड के बाद बढ़ा दबाव
यह कार्रवाई जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुई चर्चित चाकूबाजी की घटना के बाद सामने आई है। शनिवार रात पुलिस वाहन के सामने करणी सेना के युवा नेता हिमांशु कुमार सिंह और उनके साथी पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु कुमार सिंह की सोमवार शाम टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस मामले में बार संचालक और भाजपा नेता नीरज कुमार सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। फुटेज में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों द्वारा दोनों युवकों पर लगातार चाकू से हमला किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना में घायल प्रत्युष आनंद का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है।
हिमांशु कुमार सिंह की मौत के बाद पूरे कोल्हान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दोनों जिलों के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को हटाने का निर्णय लिया।
बीती रात पुलिस के आला अधिकारी हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे थे लेकिन मृतक के परिजनों ने दाह संस्कार कराने से इनकार कर दिया था।
जमशेदपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों ने हत्याकांड को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा था। राज्य सरकार को विधि व्यवस्था के मामले में विफल करार दिया था।
जमशेदपुर SSP और सरायकेला SP हटाए गए
झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। दो जिलों के पुलिस प्रमुखों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज?
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के SSP पीयूष पाण्डेय और सरायकेला-खरसावां की SP निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का आदेश जारी हुआ।
हटाने की वजह क्या रही?
सरकार ने दोनों अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाने का जिम्मेदार माना है।
पुलिस मुख्यालय से होंगे संबद्ध
मुख्यमंत्री ने दोनों आईपीएस अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का निर्देश दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
चाईबासा आयुक्त और रांची ADG को लगातार क्षेत्र में कैंप करने का आदेश दिया गया है। वहीं DIG जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
हिमांशु हत्याकांड से बढ़ा दबाव
बिष्टुपुर के डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु कुमार सिंह पर चाकू से हमला हुआ था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना का CCTV फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठे। दावा किया गया कि पुलिस मौजूद थी, लेकिन हमला नहीं रोक सकी।
प्रदर्शन और तनाव का माहौल
हिमांशु की मौत के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क जाम और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
CM का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झारखंड में कानून-व्यवस्था पर बड़ा संदेश
जमशेदपुर और सरायकेला के पुलिस कप्तानों को हटाने का फैसला राज्य सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है। ऐसी ही ताजा खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
