सरकारी नौकरी की सिफारिश, दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने का भरोसा
मुख्य बिंदु:
- लिखित आश्वासन के बाद अंत्येष्टि के लिए तैयार हुए परिजन
- दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने का आश्वासन
- अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और बन्ना गुप्ता ने परिवार से मुलाकात की
जमशेदपुर – हिमांशु सिंह हत्याकांड में प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद अंत्येष्टि को लेकर चला गतिरोध समाप्त हो गया और परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए।
बिष्टुपुर स्थित डीडी बार विवाद के बाद हुई हिमांशु सिंह की हत्या को लेकर कई दिनों से परिजनों का विरोध जारी था।
बुधवार देर शाम प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनी।
इसके बाद परिजनों ने अंत्येष्टि करने पर सहमति दे दी।
प्रशासन ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने की सिफारिश राज्य सरकार से करने का आश्वासन दिया।
हालांकि, नियुक्ति का अंतिम निर्णय राज्य सरकार करेगी।
इसके अलावा, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करने का भरोसा दिया गया।
वहीं, प्रशासन ने कहा कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा।
दोषियों को जल्द सजा दिलाने का भी आश्वासन दिया गया।
इसी बीच, राजनीतिक दलों के नेताओं का पीड़ित परिवार के घर पहुंचना जारी रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने परिजनों से मुलाकात की।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
इसके अलावा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
सभी नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
दूसरी ओर, प्रशासन ने जमशेदपुर के सात थाना क्षेत्रों और आदित्यपुर में निषेधाज्ञा लागू कर दी।
इसके कारण पूर्व मंत्री सरयू राय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक स्थगित कर दी गई।
उधर, देर रात पोस्टमार्टम कराए जाने के बावजूद परिजनों की नाराजगी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।
परिजनों ने मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई।

