जमशेदपुर: साहित्य कला एवं संस्कृति को समर्पित संस्था सुरभि की ओर से आगामी 3 मार्च को टाटा समूह के संस्थापक जेएन टाटा की जयंती के दिन लौह नगरी जमशेदपुर में एक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. सुरभि का 23 वां वार्षिक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन है,
सुरभि के सचिव चंद्रदेव सिंह राकेश ने बताया कि कवि सम्मेलन का आयोजन जमशेदपुर के सबसे बड़े सभागार लोयोला स्कूल के फैंसी ऑडिटोरियम में होने जा रहा है.
तीन मार्च को शाम में कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा करेंगे.
इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में अपनी कविताओं से श्रोताओं को अभिभूत करने आ रहे हैं वीर रस के कवि आशीष अनल, हास्य कवि जानी बैरागी, हास्य कवि राधेश्याम भारती, शृंगार रस की कवियित्री डॉ भुवन मोहिनी और श्रृंगार रस की कवियित्री सुश्री मणिका दुबे. कवि सम्मेलन का संचालन करेंगे राव अजातशत्रु.
किसी भी धार्मिक,सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग करने में आगे रहने वाली कंपनी त्रिवेणी इंजीकान्स प्राइवेट लिमिटेड, जमशेदपुर के सहयोग से आयोजित हो रहे इस राष्ट्रीय कवि सम्मेलन की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है
कवि सम्मेलन में प्रवेश तो निशुल्क रहेगा लेकिन ऑडिटोरियम में जाने के लिए आमंत्रण कार्ड अपने पास रखना होगा.
पहले राष्ट्रीय कवि सम्मेलन की आयोजक संस्था सुरभि की ओर से व्यक्तिगत स्तर पर आमंत्रण पत्र लोगों को दिए जाते थे लेकिन इस बार इस व्यवस्था में थोड़ा बदलाव किया गया है
कार्यक्रम के संयोजक और समाजसेवी व उद्यमी इंदर अग्रवाल का कहना है कि पूर्व के आयोजनों की भांति हम कार्ड इस बार किसी के आवास या कार्यालय पर नहीं भेज पाएंगे. प्रवेश-पत्र के लिए सुरभि के कार्यालय : 3/6, एच. एस. टावर, एल. रोड, बिष्टुपुर, जमशेदपुर या फोन नं.: 0657-2249749 पर संपर्क करने की कृपा करें.
बताते चलें कि कोल्हान की धरती से पूरे झारखंड को कवि सम्मेलन से परिचित करा साहित्य कला एवं संस्कृति के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले साहित्यसेवी, धर्मसेवी व उद्यमी गोविंद दोदराजका(अग्रवाल) सुरभि के संस्थापक अध्यक्ष हैं. चंद्रदेव सिंह राकेश इसके सचिव हैं.
3 मार्च की तिथि जमशेदपुर समेत देश के औद्योगिक इतिहास के लिए एक खास दिन होती है इसी 3 मार्च को टाटा घराने के संस्थापक और देश में औद्योगिक क्रांति को नया आयाम देने वाले जेएन टाटा जी का इस धरती पर अवतरण हुआ था इसलिए आज से टाटा की नगरी में 3 मार्च को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का होना खास महत्व रखता है देश की आजादी के अमृत काल में हो रहा आयोजन एक तरह से शहर के संस्थापक जेएन टाटा जी को श्रद्धांजलि भी है.
