जल संकट से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर प्रदर्शन
मुख्य बिंदु:
• 48 घंटे से गोविंदपुर जलापूर्ति योजना पूरी तरह बंद
• 21 पंचायतों के करीब 22 हजार परिवार पेयजल संकट से प्रभावित
• जलापूर्ति बहाल नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
जमशेदपुर – गोविंदपुर जलापूर्ति योजना क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप होने से 21 पंचायतों के करीब 22 हजार परिवार गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जलापूर्ति बाधित होने की वजह बिजली आपूर्ति में आई समस्या बताई जा रही है। हालांकि लगातार दो दिनों तक समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई गांवों और पंचायत क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बन गई है और कई घरों में पीने तक का पानी खत्म हो चुका है।
जल संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक दावे केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
स्थिति से नाराज ग्रामीण अब सड़क पर उतर आए हैं। कई जगहों पर लोगों ने हांडी-डेगची लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार बिजली और तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री को ट्वीट के माध्यम से भी दी गई है, लेकिन अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई योजनाएं जमीनी स्तर पर दम तोड़ रही हैं और बुनियादी सुविधाएं चरमरा गई हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था करने की मांग की गई है ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

