बोकारो/रांची: झारखंड के बोकारो जिले से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। सड़क दुर्घटना में पहले पिता की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मां ने भी रांची के रिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार के तीन मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनके भविष्य को लेकर चिंता गहरा गई है।
मामला बोकारो जिले के चंदनकियारी स्थित बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले दुबेकांटा के पास हुए सड़क हादसे में सपन मांझी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार देर रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
दंपती अपने पीछे दो बेटे विमल मांझी, विद्युत मांझी और एक बेटी पल्लवी को छोड़ गए हैं। माता-पिता की मौत के बाद तीनों बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। आसपास के लोग भी बच्चों की स्थिति देखकर भावुक हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले में तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बोकारो के उपायुक्त जयनाथ झा को बच्चों की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने और हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।
सीएम के निर्देश के बाद बोकारो प्रशासन हरकत में आ गया है। उपायुक्त जयनाथ झा ने बताया कि मंगलवार को बीडीओ और सीओ बच्चों के घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे। बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। डीसी ने कहा कि पूरे मामले की निगरानी वे स्वयं कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिस वाहन से दुर्घटना हुई थी, उसके मालिक की ओर से 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली है।
