August 5, 2026
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वैश्विक बाजार में 50 प्रतिशत महंगा हुआ तेल, भारत में सिर्फ 7 प्रतिशत बढ़े दाम: गौरव वल्लभ

वैश्विक बाजार में 50 प्रतिशत महंगा हुआ तेल, भारत में सिर्फ 7 प्रतिशत बढ़े दाम: गौरव वल्लभ

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद केंद्र सरकार ने आम जनता पर सीमित बोझ डालने की कोशिश की है।

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है, जिसके कारण वैश्विक कीमतों का सीधा असर देश पर पड़ता है। इसके बावजूद सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केवल 7 से 7.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।

गौरव वल्लभ ने दावा किया कि दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में काफी अधिक वृद्धि हुई है। उनके अनुसार अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान और कनाडा जैसे देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 40 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कीमतों में वृद्धि का बड़ा हिस्सा खुद वहन किया है ताकि आम जनता पर अत्यधिक बोझ न पड़े।

वहीं, ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के सांसद लगातार इस्तीफा दे रहे हैं और संगठन कमजोर होता जा रहा है।

गौरव वल्लभ ने कहा, “ममता बनर्जी पहले अपनी पार्टी को संभालें। अगर यही स्थिति रही तो पार्टी में केवल वे और उनके भतीजे ही रह जाएंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और पार्टी का संगठन बिखर रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी दलों को दूसरे राजनीतिक कार्यक्रमों पर टिप्पणी करने के बजाय अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

इसके अलावा, असम विधानसभा में पेश किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक पर भी गौरव वल्लभ ने भाजपा का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और यूसीसी देश की जनता की आकांक्षा है।

उन्होंने कहा कि एक देश में अलग-अलग कानून नहीं हो सकते और पूरे राष्ट्र के लिए समान कानून होना चाहिए। गौरव वल्लभ ने दावा किया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर भी यूनिफॉर्म सिविल कोड के पक्षधर थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाया।

–आईएएनएस

एसएके/डीकेपी

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