जमशेदपुर : अब परीक्षाओं में धांधली ही नहीं नियमित सत्र और समय पर परीक्षाओं से संबंधित मांगों को लेकर भी छात्र आवाज उठाने लगे हैं।
अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने कोल्हान विश्वविद्यालय के स्नातक अंतिम वर्ष (सत्र 2022-2026) के छात्रों की लंबित शैक्षणिक समस्याओं को लेकर राज्यपाल सह कुलाधिपति, कुलपति, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष (डीएसडब्ल्यू) और परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा है।
संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सेमेस्टर-7 की उत्तरपुस्तिकाओं का शीघ्र मूल्यांकन कर अक्टूबर 2026 से पहले परिणाम प्रकाशित करने तथा सेमेस्टर-8 की परीक्षा निर्धारित समय पर आयोजित करने की मांग की है।
आजसू का कहना है कि चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUGP) का शैक्षणिक सत्र एक वर्ष से अधिक की देरी का सामना कर रहा है।
इसका सीधा असर विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है।
संगठन का आरोप है कि यह विलंब छात्रों की नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय स्तर पर प्रशासनिक और संस्थागत कारणों से हुआ है।
ज्ञापन में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देश, नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) तथा राजभवन के निर्देशों का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय से शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के लिए तत्काल विशेष कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई है।
आजसू ने आग्रह किया कि परीक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक मानकों से किसी प्रकार का समझौता किए बिना सेमेस्टर-7 की मूल्यांकन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और सेमेस्टर-8 की परीक्षा समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।
आजसू ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए लंबित शैक्षणिक सत्र को नियमित करने और उनके करियर पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को समाप्त करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।