जमशेदपुर : जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित जुबली पार्क गोलचक्कर के पास बुधवार सुबह करीब 9 बजे दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद एक कार करीब 500 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। हालांकि दोनों वाहनों के एयरबैग खुल जाने से बड़ा हादसा टल गया और कार सवार लोगों की जान बच गई।
हादसे में शामिल वाहनों में एक किआ कार (नंबर JH03F761) और दूसरी मारुति सुजुकी ब्रेजा (नंबर JH05DH4339) शामिल है। दुर्घटना में दोनों कारों में सवार कई लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की आशंका जताई जा रही है।
जमशेदपुर सड़क हादसों की मुख्य वजह :
जमशेदपुर में सड़क हादसों की मुख्य वजह तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और खराब सड़क व्यवस्था मानी जा रही है। खासकर एनएच-33 और शहर के व्यस्त इलाकों में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि जुबिली पार्क के समीप कई प्रमुख कार्यालय है। मसलन डीसी अॉफिस और जिले के पुलिस कप्तान का कार्यालय है। लिहाजा सड़कें चकाचक है लेकिन यहां भी वाहनों की रफ्तार तेज रहती है। गलत दिशा में लोग वाहन चलाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की सख्ती से ज्यादा जागरूकता की जरूरत है।
हादसों के प्रमुख कारण इस प्रकार है :
- तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना
- सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग
- ब्लैक स्पॉट और खराब सड़क डिजाइन
- ट्रैफिक संकेतक, स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर की कमी
- ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाना
- हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना
- व्यस्त चौक-चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों में प्रशासनिक लापरवाही भी बड़ी वजह है। टेल्को, मानगो, पारडीह, डिमना रोड और एनएच-33 जैसे इलाकों में लगातार हादसे सामने आते रहे हैं।
