जमशेदपुर: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर द्वारा एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। समारोह में राष्ट्रभक्ति का उत्साह पूरे समय देखने को मिला।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
उपस्थित लोगों ने कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए शहीदों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि 26 जुलाई 1999 भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। इसी दिन भारतीय सेना ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और विपरीत मौसम के बावजूद अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए कारगिल की दुर्गम चोटियों से दुश्मनों को खदेड़कर तिरंगा लहराया था।
उन्होंने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सैनिकों के अटूट साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
समारोह के दौरान पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और देशसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कारगिल के वीरों का सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
देशभक्ति और वीर सैनिकों के सम्मान की भावना से ओतप्रोत यह समारोह श्रद्धा और गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।