गम्हरिया: जमशेदपुर में हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद उत्पाद विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। सरायकेला-खरसावां जिले में शनिवार को जिला उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज और उत्पाद विभाग की टीम ने गम्हरिया एवं आदित्यपुर क्षेत्र के विभिन्न बार और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, आवश्यक अभिलेख, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं की विस्तार से जांच की।
संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों और लाइसेंस की शर्तों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 21 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बार परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए और न ही उसे किसी भी परिस्थिति में मदिरा परोसी जाए।
साथ ही, डीजे, लाइव म्यूजिक या किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन केवल सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान सभी संचालकों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करने, परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर उन्हें हमेशा चालू रखने तथा निर्धारित अवधि तक फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया।
इसके अलावा प्रत्येक आगंतुक की सुरक्षा जांच और पहचान सत्यापन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रतिष्ठानों का संचालन केवल निर्धारित क्षमता और लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप करने को कहा गया।
उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी बार और रेस्टोरेंट संचालकों को शासन के दिशा-निर्देशों, लाइसेंस की शर्तों और कानूनी प्रावधानों का अक्षरशः पालन करना होगा। विशेष रूप से 21 वर्ष से कम आयु के लोगों के प्रवेश और उन्हें शराब परोसने पर लगाए गए प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित प्रतिष्ठान और संचालकों के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि आमजन की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और वैधानिक प्रावधानों के पालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से जिले में बार और रेस्टोरेंट का निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन भले ही एक्शन में नजर आ रहा है लेकिन कोई भी बड़ी घटना के बाद विभाग जागता है। इस बार देखना है कि कितने दिनों तक विभाग सक्रिय रहता है।
