झारखंड सीएम ने कहा, भगवा पार्टी ने 2 दशक तक सत्ता में रहकर आदिवासियों और स्वदेशी समुदायों को नजरअंदाज किया
झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्य के मूल निवासियों और आदिवासी समुदायों की लंबे समय तक उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा करीब 20 वर्षों तक राज्य में सत्ता में रही, लेकिन इस दौरान उसने इन वर्गों के कल्याण को कभी प्राथमिकता नहीं दी।
जमशेदपुर – मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मानगो के गांधी मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में लोगों ने झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को जनादेश दिया था, लेकिन भाजपा ने लगातार उनकी सरकार के कामकाज में अड़चनें डालीं।
इस मौके पर सोरेन ने कुछ अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने पर विचार कर रही है। साथ ही, बेरोजगार नौजवानों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 40% अनुदान के साथ 25 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा।
सीएम ने बताया कि 40,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है जो सितंबर तक पूरी हो जाएगी। इसके अलावा, अगले महीने से आदिवासी और क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक विशेष अभियान शुरू होगा। सितंबर तक पुलिस व अन्य विभागों में भी 40,000 भर्तियां की जाएंगी।
सोरेन ने भाजपा पर पूंजीपतियों के हितों को आदिवासियों से ऊपर रखने का भी आरोप लगाया। उन्होंने अपनी सरकार द्वारा राज्य भर में मॉडल स्कूल स्थापित करने जैसी पहल का जिक्र करते हुए भाजपा के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उदासीनता दिखाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद झारखंड की आर्थिक तंगी के लिए भाजपा के लंबे कुशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जमशेदपुर में करीब 222 करोड़ रुपये की 182 विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
