जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित आंध्र भक्त श्री राम मंदिरम् में आयोजित 57वें श्रीवारी श्री वेंकटेश्वर स्वामी ब्रह्मोत्सव का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ भव्य समापन हुआ। नौ दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित श्री वेंकटेश्वर स्वामी कल्याण महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
समापन अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। वैदिक विद्वानों और आचार्यों के सान्निध्य में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी और देवी पद्मावती के दिव्य विवाहोत्सव की सभी धार्मिक रस्में शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराई गईं।
अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजा-अर्चना, मंगल वाद्यों की मधुर ध्वनि और भक्ति संगीत से मंदिर परिसर पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कल्याण महोत्सव में सहभागिता निभाई तथा भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीवारी कल्याण महोत्सव भगवान और भक्तों के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। ऐसी आस्था है कि इस पावन अनुष्ठान में श्रद्धापूर्वक शामिल होने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, परिवार में मंगल, समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने सुरक्षा, बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल और प्रसाद वितरण सहित सभी आवश्यक इंतजाम किए थे। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
आंध्र भक्त श्री राम मंदिरम् के डिप्टी प्रेसिडेंट जम्मी भास्कर ने बताया कि 57वें ब्रह्मोत्सव के समापन पर आयोजित श्रीवारी श्री वेंकटेश्वर स्वामी कल्याण महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष अवसर है। उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष भी भक्तों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ महोत्सव को सफल बनाया। साथ ही उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भविष्य में भी परिवार सहित मंदिर के धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।
