जमशेदपुर: शहर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित रामजनम नगर में हुए चर्चित फायरिंग मामले में पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल सोना और उसके भाई कृष्णा सोना को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और खोखा भी बरामद किया गया है।
बरामद मोबाइल की फोरेंसिक व तकनीकी जांच होगी
जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के रामजनम नगर में हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल सोना और उसके भाई कृष्णा सोना को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक देसी कट्टा, एक जिंदा गोली और घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है। इसके अलावा जांच के दौरान दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।
2 जुलाई की रात हुई थी फायरिंग
मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि फायरिंग की यह घटना 2 जुलाई की रात कदमा थाना क्षेत्र के रामजनम नगर में हुई थी। इस घटना में संजय टांडी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गोली उनके जबड़े में लगी थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया।
आपसी विवाद बना गोलीकांड की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग की वजह आपसी विवाद था। इसी विवाद के दौरान आरोपियों ने संजय टांडी पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कदमा थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामद
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनके जरिए घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस तफ्तीश कर रही है। यदि किसी अन्य की संलिप्तता होगी तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।