जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी (टीएए) ने एक बार फिर भारतीय तीरंदाजी जगत में अपनी उत्कृष्टता साबित की है। अकादमी के तीन प्रतिभाशाली तीरंदाजों—गोल्डी मिश्रा, आदित्य वाधवा और के. युक्ता श्री—का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम में हुआ है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत और अकादमी की उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण मानी जा रही है।
इससे एक बार फिर यह साबित हुआ है कि टाटा आर्चरी अकादमी देश की अग्रणी तीरंदाजी प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है।
अकादमी वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज तैयार कर रही है। यहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिसके परिणाम लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देखने को मिल रहे हैं।
गोल्डी मिश्रा और आदित्य वाधवा का चयन एशिया कप स्टेज-2 एवं स्टेज-3 के साथ-साथ एशियन यूथ आर्चरी चैंपियनशिप के लिए हुआ है। दोनों खिलाड़ी इराक, चीन और दुबई में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
वहीं, के. युक्ता श्री का चयन एशिया कप स्टेज-2 और स्टेज-3 के लिए किया गया है। युक्ता ने इससे पहले भी चयन ट्रायल्स में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर हासिल किया है।
इन प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम का चयन सोनीपत में आयोजित चयन ट्रायल्स के आधार पर किया गया। ट्रायल्स के दौरान तीनों खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी दक्षता और दबाव की परिस्थितियों में शानदार संयम का परिचय देते हुए राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह सुनिश्चित की।
चयन प्रक्रिया के दौरान टाटा आर्चरी अकादमी के कोच अनिल कुमार, हेलेन और प्रसन्ना खिलाड़ियों के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा मसाज थेरेपिस्ट अनुप और रूमा ने खिलाड़ियों की रिकवरी, फिटनेस और मानसिक तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टाटा आर्चरी अकादमी ने इस सफलता को खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ एवं सपोर्ट टीम के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया है। अकादमी को उम्मीद है कि उसके ये तीरंदाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर देश और संस्थान का नाम रोशन करेंगे।
अकादमी से जुड़े सभी पदाधिकारी और खिलाड़ी इस चयन से काफी उत्साहित हैं।
