सरायकेला : जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि खुले में सिगरेट बेचने, सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन करने अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम-2021 के तहत 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों में “नो स्मोकिंग एरिया” का बोर्ड प्रदर्शित नहीं करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के अंतर्गत जिला तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता संपन्न हुआ।
बैठक में जिले में संचालित तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को कानून के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सिविल सर्जन सह जिला नोडल पदाधिकारी (राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम) डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने जिले में चल रहे कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान को कम करना तथा कानून के प्रभावी अनुपालन के माध्यम से तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करना है।
उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने कहा कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA)-2003 तथा कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम-2021 के प्रावधानों का जिले में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने सभी होटल, रेस्टोरेंट, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक संस्थानों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप “गैर धूम्रपान क्षेत्र (No Smoking Area)” का बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। नियमों की अवहेलना करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी दुकानदार द्वारा खुली सिगरेट की बिक्री नहीं की जाए। यदि कोई दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा चिप्स, बिस्किट, कैंडी तथा अन्य खाद्य उत्पादों के साथ तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और ग्राम पंचायतों को तंबाकू मुक्त वातावरण विकसित करने तथा कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को सुरक्षित बनाने का अभियान है।
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण सामाजिक जिम्मेदारी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित निरीक्षण करेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से तंबाकू सेवन से दूर रहने और सार्वजनिक स्थानों को तंबाकू मुक्त बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान जिला परामर्शी, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अशोक यादव ने प्रतिभागियों को कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि झारखंड संशोधन अधिनियम-2021 के तहत सरकारी कार्यालयों, न्यायालय परिसरों, विद्यालयों और अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों का सेवन या थूकना प्रतिबंधित है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए उषा मुंडू, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, विभिन्न नगर निकायों के प्रशासक, विभागीय अधिकारी, कर्मी तथा जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे।
जिला प्रशासन की ओर से संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर हाल में तम्बाकू नियंत्रण कानून के प्रति गंभीर रहें। कोताही न बरती जाए।
