जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित डिमना की जयपाल कॉलोनी में शनिवार शाम पीएचईडी की पाइपलाइन बिछाने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। करंट लगने से 50 वर्षीय मजदूर चेतन यादव की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंचे दूसरे मजदूर अर्जुन यादव भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गए। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, श्री श्री मनोकामना शिव दुर्गा मंदिर के समीप पीएचईडी विभाग की ओर से पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में पानी भर गया था, जिसे मोटर पंप की मदद से बाहर निकाला जा रहा था।
इसी बीच चेतन यादव पाइप उठाकर काम कर रहे थे कि अचानक करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आशंका है कि मोटर पंप के बिजली के केबल में लीकेज होने के कारण गड्ढे में जमा पानी में करंट फैल गया। पानी के संपर्क में आते ही चेतन यादव गंभीर रूप से झुलस गए।
साथी मजदूर को बचाने के लिए अर्जुन यादव तुरंत दौड़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। इसके बाद अन्य मजदूरों ने तत्काल बिजली का संपर्क काटा और दोनों को एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद चेतन यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि अर्जुन यादव का उपचार जारी है।
मृतक चेतन यादव गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के पेशाम गांव के निवासी थे। हादसे की सूचना मिलते ही उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की जानकारी मिलने पर एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में बिजली के केबल में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ दर्ज हो हत्या का मुकदमा : सरयू राय
जयपाल कॉलनी के बीच से बालीगुमा टंकी तक पीने का पाइपलाइन से जाने के दौरान अवैध बिजली कनेक्शन से करंट लगने के कारण एक मज़दूर की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी ज़रूरी है। इसके लिए ठेकेदार, पेयजल स्वच्छता विभाग का कार्यपालक अभियंता और मानगो नगर निगम के मेयर प्रथमदृष्ट्या ज़िम्मेदार हैं।
मेयर ने दबाव डालकर कार्यपालक अभियंता को रास्ते का तकनीकी अध्ययन किए बग़ैर पाईप बिछाने के लिए मजबूर किया। कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार पर दबाव बनाया और बिजली विभाग से अनुमति लिए बिना अवैँध कनेक्शन खींचने के लिए ठेकेदार को सहमति दिया। मृत मज़दूर के सरकार, ठेकेदार और मानगो नगर निगम से मुआवजा मिले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुक़दमा दर्ज होना चाहिए।
जयपाल कॉलनी के बीच से बालीगुमा टंकी तक पीने का पाइपलाइन से जाने के दौरान अवैध बिजली कनेक्शन से करंट लगने के कारण एक मज़दूर की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी ज़रूरी है। इसके लिए ठेकेदार, पेयजल स्वच्छता विभाग का कार्यपालक अभियंता और मानगो नगर निगम के मेयर प्रथमदृष्ट्या ज़िम्मेदार हैं।
मेयर ने दबाव डालकर कार्यपालक अभियंता को रास्ते का तकनीकी अध्ययन किए बग़ैर पाईप बिछाने के लिए मजबूर किया। कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार पर दबाव बनाया और बिजली विभाग से अनुमति लिए बिना अवैँध कनेक्शन खींचने के लिए ठेकेदार को सहमति दिया। मृत मज़दूर के सरकार, ठेकेदार और मानगो नगर निगम से मुआवजा मिले और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुक़दमा दर्ज होना चाहिए।
