जमशेदपुर : धालभूमगढ़ से रेस्क्यू की गई 15 वर्षीय मूकबधिर और अनाथ बालिका गुड़िया कुमारी को अब सुरक्षित आश्रय और बेहतर इलाज मिल गया है। जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से उसे रांची के प्रेमाश्रय बालिका गृह में स्थानांतरित किया गया है, जहां उसके इलाज के साथ-साथ देखभाल की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
कभी अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह असहाय दिखने वाली 15 वर्षीय मूकबधिर बालिका गुड़िया कुमारी की जिंदगी अब नई उम्मीदों की ओर बढ़ रही है।
अप्रैल माह में धालभूमगढ़ क्षेत्र से रेस्क्यू की गई इस अनाथ बच्ची को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। समिति के निर्देश पर उसे सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया गया और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखते हुए अलग-अलग चरणों में उसका इलाज कराया जाता रहा।
बालिका की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और उसके अनाथ होने की जानकारी मिलने के बाद पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने उसके बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिला प्रशासन ने विभिन्न संस्थानों और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर उसे उच्च चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल शुरू की।
पूर्वी सिंहभूम और रांची जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम यह रहा कि उपायुक्त राजीव रंजन और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के बीच समन्वय स्थापित होने के बाद गुड़िया कुमारी को रांची स्थित प्रेमाश्रय बालिका गृह में सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया गया। साथ ही उसके उपचार के लिए रिनपास की ओपीडी के माध्यम से नियमित चिकित्सकीय व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
फिलहाल गुड़िया कुमारी प्रेमाश्रय बालिका गृह में सुरक्षित है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बालिका के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समुचित देखभाल को लेकर रांची के संबंधित विभागों और संस्थानों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि उसे बेहतर उपचार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
प्रशासन के इस प्रयास और सहयोग के लिए धालभूमगढ़ के लोग सराहना कर रहे हैं।
