जमशेदपुर : हिमांशु सिंह हत्याकांड में पूर्वी सिंहभूम पुलिस द्वारा वांछित दो लाख रुपये का इनामी फरार आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को सिविल कोर्ट स्थित सीजीएम न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 84/2026 के मुख्य आरोपी के सरेंडर को मामले की जांच में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। घटना के मुख्य आरोपी के सरेंडर से जिले के चर्चित आपराधिक मामलों में एक नया मोड़ आ गया है।
पुलिस के अनुसार, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने उस पर दो लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। साथ ही एसएसपी कार्यालय की ओर से आम लोगों से भी आरोपी के संबंध में सूचना देने की अपील की गई थी।
पुलिस ने यह आश्वासन दिया था कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा।
बुधवार को विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने पुलिस कार्रवाई का सामना करने के बजाय सीधे सीजीएम कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय में सरेंडर के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
अब मामले की सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी। पुलिस आवश्यकता पड़ने पर आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की अनुमति भी अदालत से मांग सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा के आत्मसमर्पण को पुलिस जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
अब शहर के सबसे चर्चित हत्याकांड शहर में लगभग एक पखवारे से सुर्खियों में था। अब लोगों की निगाहें इस कांड के खुलासे पर रहेंगी।
