August 28, 2026
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भरत तिवारी मामला: माता-पिता ने न्यायिक जांच आयोग के सामने बयान दर्ज कराया

भरत तिवारी मामला: माता-पिता ने न्यायिक जांच आयोग के सामने बयान दर्ज कराया

पटना, 11 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच शनिवार को आगे बढ़ी। इस घटना की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित आयोग के सामने मृतक के माता-पिता ने अपने बयान दर्ज कराए।

न्यायिक जांच आयोग के प्रमुख, रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा के सामने बयान अलग-अलग दर्ज किए गए।

अपना बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी ने कहा कि उन्होंने आयोग को घटना के दिन हुई हर बात के बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि उन्होंने आयोग को जानकारी दी कि पुलिस उन्हें थाने ले गई थी और घटना के दौरान उन्हें पूरे दिन वहीं रखा गया।

उन्होंने कहा कि उन्होंने घटनाओं का क्रम वैसे ही बताया जैसा उन्होंने अनुभव किया और समझा था।

जांच की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर, काशीनाथ तिवारी ने कहा कि आयोग ने उन्हें बताया कि जांच अभी चल रही है और उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच से उचित कार्रवाई होगी।

मृतक की मां, आशा देवी भी आयोग के सामने पेश हुईं और घटना के बारे में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी व्यक्तिगत रूप से देखा और अनुभव किया था, उसे बताया और उन पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी साझा की जिन पर उन्हें मामले में शामिल होने का संदेह था।

आशा देवी के अनुसार, घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझने के लिए आयोग ने उनसे लगभग एक घंटे तक विस्तार से पूछताछ की।

उन्होंने कहा कि उन्होंने आयोग के सामने कई मुद्दे भी उठाए, जिनमें मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, घटना से जुड़े एक मोबाइल फोन के बारे में जानकारी और जांच को लेकर अपनी चिंताएं शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि आयोग ने उन्हें सूचित किया कि पहले सभी संबंधित व्यक्तियों और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

न्याय की उम्मीद जताते हुए आशा देवी ने कहा कि सभी गवाहों से पूछताछ और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नतीजा स्पष्ट हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी आयोग के सामने अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।

बिहार सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। आयोग चरणों में गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है।

आयोग के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आने वाले दिनों में परिवार के अन्य सदस्यों, घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

सामाजिक कार्यकर्ता रविश भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भरत तिवारी के परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि परिवार भय के माहौल में रह रहा है और उनके घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि परिवार को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भरत तिवारी एक साधारण परिवार से थे और उनके कदम को सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश बताया।

रविश भारद्वाज ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से परिवार की मुलाकात को लेकर बातचीत हुई है और जल्द ही समय तय होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, परिवार को अपनी बात सरकार के सामने रखने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। भारद्वाज ने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भरत तिवारी के माता-पिता और उनसे जुड़े लोगों ने आगामी दो-तीन दिनों तक अपनी आगे की योजना सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है। भारद्वाज ने कहा कि परिवार इस समय गहरे दुख में है और उनकी प्राथमिकता परिजनों की सुरक्षा तथा न्याय की मांग है।

एससीएचडीकेपी

 

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