पटना : बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर की घटना एसटीएफ की सूची में नहीं है। सियासी हलकों में यह मामला लंबे समय से सुर्खियों में है। दूसरी ओर एसटीएफ ने बिहार में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ों का ब्योरा जारी किया है। इस साल हुई 19 मुठभेड़ों में तीन अपराधियों के मारे जाने और 18 के घायल होने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी का मामला इस सूची में शामिल नहीं है। एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि भरत तिवारी के मामले की जांच के साथ न्यायिक जांच भी चल रही है, इसलिए इसे फिलहाल एनकाउंटर की सूची में नहीं रखा गया है।
भरत तिवारी के मामले की हो रही जांच
एसटीएफ की ओर से इस साल की कार्रवाई का ब्योरा मीडिया के सामने रखने के दौरान भरत तिवारी से जुड़े कथित एनकाउंटर पर भी सवाल किए गए। इस पर डीआईजी संजय कुमार सिंह ने कहा कि भोजपुर के बिलौटी गांव के भरत तिवारी के मामले की जांच चल रही है। यह एनकाउंटर था या घटना की प्रकृति कुछ और थी, इसकी जांच की जा रही है। मामले में न्यायिक जांच भी जारी है।
डीआईजी ने कहा कि जांच पूरी होने तक एसटीएफ ने भरत तिवारी के मामले को इस वर्ष की मुठभेड़ों की सूची में शामिल नहीं किया है।
एनकाउंटर पुलिस की नीति नहीं: डीआईजी
संजय कुमार सिंह ने कहा कि एनकाउंटर पुलिस की कोई नीति नहीं है। उन्होंने बताया कि जब कोई अपराधी या असामाजिक तत्व पुलिस को चुनौती देता है, तो पुलिसकर्मी अपनी आत्मरक्षा में गोली चलाते हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
19 मुठभेड़ों में तीन अपराधी मारे गए
एसटीएफ के अनुसार, इस वर्ष अपराधियों और नक्सलियों के साथ कुल 19 मुठभेड़ हुई हैं। इनमें तीन अपराधी मारे गए, जबकि 18 घायल हुए। पुलिस का दावा है कि लगातार की जा रही कार्रवाई से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है और अपराध के आंकड़ों में कमी आई है।
भू-माफियाओं की संपत्ति पर कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई तेज की है। भू-माफियाओं की अवैध संपत्तियों को जब्त कराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसके अलावा नौ जिलों में ड्रोन के माध्यम से 423.3 किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वे कराया गया। इस कार्रवाई के दौरान 112 अभियुक्तों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई।
99.86 एकड़ में अफीम की खेती नष्ट
एसटीएफ की कार्रवाई में 99.86 एकड़ क्षेत्र में की जा रही अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया। इसके साथ ही 45 अपराधियों के ठिकानों की मैपिंग भी की गई।
कोढ़ा गिरोह पर भी शिकंजा
पुलिस के मुताबिक, कोढ़ा गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में 38 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ 51 मामलों का खुलासा किया गया। कार्रवाई के दौरान 76.20 लाख रुपये नकद के अलावा सोना और चांदी भी बरामद की गई।
33 मिनी गन फैक्ट्रियों का खुलासा
आर्म्स सेल ने नालंदा, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और बांका समेत कई जिलों में कार्रवाई करते हुए 33 मिनी गन फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया। पुलिस के अनुसार, इन कार्रवाईयों का उद्देश्य अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना है।
साइबर अपराध के 19 मामलों का निपटारा
साइबर सेल ने फर्जी प्रोफाइल, प्लेबॉय जॉब फ्रॉड और डेटा चोरी से जुड़े 19 मामलों का निष्पादन किया है। पुलिस ने साइबर अपराध के मामलों में कार्रवाई के साथ ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी से जुड़े नेटवर्क पर भी निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
प्रमुख आंकड़े
- 19 मुठभेड़, 3 अपराधी मारे गए और 18 घायल।
- ड्रोन सर्वे के बाद 112 अभियुक्त गिरफ्तार।
- 99.86 एकड़ में अवैध अफीम की खेती नष्ट।
- कोढ़ा गिरोह के 38 सदस्य गिरफ्तार और 51 मामलों का खुलासा।
- 76.20 लाख रुपये नकद के साथ सोना-चांदी बरामद।
- 33 मिनी गन फैक्ट्रियों का पर्दाफाश।
- साइबर अपराध से जुड़े 19 मामलों का निपटारा।
- बहरहाल भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर 17 जून 2026 को बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलौटी गांव में हुआ था। इस कथित पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई थी, जिसको लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे।
अब सवाल इस बात का है कि देशभर के ज्यादातर राजनीतिक दलों के नेता भोजपुर पहुंचे। परिवार से मिले। न्याय दिलाने की बात कही लेकिन एसटीएफ अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है कि उनका एनकाउंटर हुआ। एसटीएफ का कहना है कि अभी जांच की प्रक्रिया चल रही है।