गालूडीह। रक्षाबंधन के मौके पर सरकारी अवकाश घोषित होने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को घर जाने की अनुमति नहीं मिली।
त्योहार पर अपने भाइयों से मिलने की उम्मीद लगाए बैठी छात्राओं को जब छुट्टी नहीं मिली तो कई की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद भाई अपनी बहनों से मिलने स्कूल परिसर पहुंचे और वहीं राखी बंधवाई।
शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यालय परिसर में सुबह से ही छात्राओं के बीच मायूसी का माहौल रहा। छात्राओं ने पहले से राखियां तैयार कर रखी थीं और उन्हें उम्मीद थी कि छुट्टी मिलने पर वे घर जाकर भाइयों के साथ त्योहार मनाएंगी।
हालांकि, छुट्टी नहीं मिलने के कारण उन्हें हॉस्टल में ही रहना पड़ा।
इसकी जानकारी मिलने के बाद कई भाई मिठाई और राखी लेकर विद्यालय पहुंचे। स्कूल परिसर में भाई-बहनों की मुलाकात हुई। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
इस दौरान कई छात्राओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। भावुक कर देने वाले इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
एक छात्रा ने बताया कि रक्षाबंधन की छुट्टी की जानकारी मिलने के बाद सभी छात्राएं काफी खुश थीं। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को छुट्टी रद्द होने की जानकारी मिली, जिससे छात्राओं को निराशा हुई। छात्राओं ने अपने हाथों से राखियां तैयार की थीं और पूरे साल रक्षाबंधन के दिन का इंतजार करती हैं।
छात्रा ने कहा कि अगर छुट्टी मिलती तो वे घर जाकर परिवार के साथ त्योहार मना पातीं।
वहीं, एक भाई ने बताया कि वह करीब 10 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपनी बहन से मिलने विद्यालय पहुंचा है। उसका कहना था कि रक्षाबंधन के दिन बहन से मिलना जरूरी था, इसलिए स्कूल आकर ही राखी बंधवानी पड़ी।
अभिभावकों में नाराजगी
छात्राओं के परिजनों ने भी इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब सरकारी अवकाश तालिका में रक्षाबंधन की छुट्टी निर्धारित थी, तो आवासीय विद्यालय की छात्राओं को घर जाने से क्यों रोका गया।
अभिभावकों का कहना है कि भाई-बहन के इस महत्वपूर्ण त्योहार पर कम से कम एक दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए थी।
छुट्टी में बदलाव को लेकर वार्डन ने दी सफाई
मामले में विद्यालय की वार्डन अंजनी कुमारी ने बताया कि राज्य स्तरीय अवकाश तालिका के अनुसार 26 से 28 अगस्त तक छुट्टी निर्धारित थी। इसी बीच 28 से 30 अगस्त तक राष्ट्रीय खेल दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे।
खेल कार्यक्रम की तारीख को ध्यान में रखते हुए अवकाश में बदलाव किया गया। इसके तहत छुट्टियां 27, 29 अगस्त और 1 सितंबर को निर्धारित की गईं। इसी बदलाव के कारण रक्षाबंधन की छुट्टी नहीं मिल सकी।
वार्डन को छात्राओं और उनके अभिभावकों को इस बदलाव के बारे में समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।