बाढ़ (पटना): पटना जिले के पंडारक का कुख्यात अपराधी और तीन लाख रुपये का इनामी भोला सिंह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किए जाने के बाद उसे बिहार लाया गया है। फिलहाल उसे बाढ़ थाना में रखा गया है और मंगलवार को कोर्ट खुलने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 16 मई को सीबीआई ने लंबे समय से फरार चल रहे भोला सिंह को सूरत से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल होते हुए ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जहां से कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से बाढ़ थाना पहुंचाया गया।
अपहरण के पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी, सूरत में ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ नाम से रह रहा था
सीबीआई ने भोला सिंह को पश्चिम बंगाल के दो लोगों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा भोला सिंह अपनी पहचान छिपाकर सूरत में ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ नाम से रह रहा था। उसके खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 11 मामले दर्ज हैं।
मुखिया और पुलिसकर्मियों की हत्या में भी जुड़ा नाम
भोला सिंह का नाम वर्ष 2021 में पंडारक पूर्वी पंचायत के मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल की हत्या के अलावा पंडारक थाना के एएसआई राजेश कुमार और लाल बहादुर हत्याकांड में भी सामने आया था। इन मामलों के बाद से वह पुलिस की सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।
CRPF जवान से बना अपराध जगत का बड़ा नाम
अपराध की दुनिया में आने से पहले भोला सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में जवान था और उसने कमांडो प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था। हालांकि बाद में वह अपराध के रास्ते पर चल पड़ा और पिछले दो दशकों से बिहार के आपराधिक जगत में सक्रिय रहा। उसका नाम बाहुबली नेता और पूर्व जदयू विधायक अनंत सिंह के साथ दोस्ती और दुश्मनी, दोनों कारणों से चर्चाओं में रहा है।
AK-47 बरामदगी मामले से भी जुड़ा रहा कनेक्शन
भोला सिंह पर विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या का आरोप भी है। वर्ष 2019 में अनंत सिंह के पैतृक आवास पर पुलिस की छापेमारी के दौरान एक AK-47 राइफल बरामद हुई थी। बताया जाता है कि यह कार्रवाई भोला सिंह की हत्या की साजिश रचे जाने की सूचना मिलने के बाद की गई थी। इसी मामले में अनंत सिंह को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी।
भाई ने किया सरेंडर, भोला देता रहा पुलिस को चकमा
भोला सिंह और उसके भाई मुकेश सिंह पर सरकार ने तीन-तीन लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हालांकि मुकेश सिंह पहले ही आत्मसमर्पण कर जमानत पर बाहर आ चुका है, लेकिन भोला सिंह लगातार अपनी पहचान बदलकर पुलिस से बचता रहा। अब उसकी गिरफ्तारी को बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
