जमशेदपुर : झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति इन दिनों महाराष्ट्र के सात दिवसीय अध्ययन दौरे पर है। समिति की अध्यक्ष एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस दौरे में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू और विधायक शशिभूषण मेहता भी शामिल हैं। अध्ययन यात्रा के दौरान समिति महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न आयामों, योजनाओं और कार्यप्रणालियों का गहन अध्ययन कर रही है।
दौरे के क्रम में समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र विधानसभा का भ्रमण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मुलाकात कर महिला एवं बाल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास समिति के सदस्य भी उपस्थित थे।
समिति ने मुंबई के बांद्रा स्थित ‘श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़’ के निर्माण केंद्र का भी दौरा किया। यहां महिलाओं द्वारा संचालित इस स्वावलंबन मॉडल की कार्यप्रणाली को करीब से समझा गया। विधायक पूर्णिमा साहू ने संस्था के संचालकों को जमशेदपुर में लिज्जत पापड़ की शाखा खोलने का निमंत्रण दिया, ताकि स्थानीय महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
इसके अलावा समिति ने मुंबई स्थित लोक भवन का भी भ्रमण किया, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज की आदमकद प्रतिमा एवं परिसर में स्थापित विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
अध्ययन यात्रा के दौरान समिति ने एक वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निरीक्षण भी किया। यहां बाहर से आकर काम करने वाली महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, आवासीय प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। विधायक पूर्णिमा साहू ने महिला सुरक्षा और बाल कुपोषण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था स्नेहा फाउंडेशन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र की प्रसिद्ध 135 वर्ष पुरानी डब्बावाला टिफिन सेवा प्रणाली की कार्यप्रणाली का भी अध्ययन किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि महाराष्ट्र अध्ययन दौरे का अनुभव अब तक काफी प्रेरणादायक और उपयोगी रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरे से महिला एवं बाल विकास से जुड़े कई विषयों को गहराई से समझने और नई कार्यप्रणालियों को जानने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि जल्द ही महिला एवं बाल विकास से जुड़े मुद्दों पर टाटा प्रबंधन के साथ भी बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए बेहतर पहल सुनिश्चित की जा सके।
