==धान की समर्थन मूल्य वृद्धि, बकाया भुगतान और ऋण माफी समेत कई मांगों को लेकर गम्हरिया में धरना-प्रदर्शन
गम्हरिया : किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को गम्हरिया प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किसान हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यक्रम प्रभारी देवेश महापात्रा ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार की गलत और किसान विरोधी नीतियों के कारण राज्य के किसान कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है, वहीं दूसरी ओर सरकार की नीतियां किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में गांव, गरीब और किसान कहीं नजर नहीं आते। जब से हेमंत सरकार सत्ता में आई है, किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ी हैं और सरकार किसान मुद्दों पर पूरी तरह संवेदनहीन साबित हुई है।
कार्यक्रम को रितिका मुखी, सुनील श्रीवास्तव तथा मंडल अध्यक्ष गणेश कालिंदी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की।
धरना-प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन गम्हरिया के अंचल अधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, किसानों के धान की बकाया राशि का अविलंब भुगतान करने, सब्सिडी पर खाद, बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराने तथा किसान ऋण माफी की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने जैसी मांगें शामिल थीं।
इस अवसर पर किशन प्रधान, अमरेश गोस्वामी, दिनेश साह, श्यामपदो गोराई, अमितेश अमर, बबलू सिंह, विनय कृष्ण राजू, नीरू सिंह, पंकज कुमार, अमन प्रसाद, सुनीता मिश्रा, दुलारी झा, संतोष साह, महेंद्र चौधरी, अनय सिंह, मनोरंजन नंदी, शुभम पांडे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
