जमशेदपुर : भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) झारखंड के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री Hemant Soren से मुलाकात कर राज्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं, सतत परिवहन और आर्थिक विकास की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के चेयरमैन एवं वैदेही मोटर्स के प्रबंध निदेशक दिलू पारिख, सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के वाइस चेयरमैन एवं टाटा स्टील लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम, सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर देव ज्योति तथा सीआईआई झारखंड के डायरेक्टर एवं हेड प्रभात कुमार शामिल थे।
दावोस निवेश अभियान की सराहना
बैठक के दौरान सीआईआई प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यात्रा की सफलता पर बधाई दी। प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक सम्मेलन के दौरान झारखंड में निवेश को लेकर उत्पन्न सकारात्मक माहौल और निवेशकों की बढ़ती रुचि की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सक्रिय पहल से झारखंड तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
भविष्य की औद्योगिक रणनीतियों पर चर्चा
बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से चार प्रमुख विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
नई औद्योगिक नीति
झारखंड की नई औद्योगिक नीति के प्रारूप पर चर्चा करते हुए सीआईआई ने राज्य सरकार को ज्ञान और उद्योग साझेदार के रूप में सहयोग देने की पेशकश की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नई नीति को भविष्य उन्मुख, प्रतिस्पर्धी और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से सुझाव और अनुशंसाएं दी जाएंगी।
ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर
बैठक में राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इकोसिस्टम विकसित करने की रणनीतियों पर भी मंथन हुआ। इसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, अनुकूल नीतियों के निर्माण और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषय शामिल रहे, ताकि राज्य में सतत परिवहन को बढ़ावा मिल सके।
जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा
झारखंड की जनजातीय आबादी को राज्य की ताकत बताते हुए दोनों पक्षों ने जनजातीय उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए साझा पहल पर चर्चा की। इसके तहत कौशल विकास, उद्यम सहायता प्रणाली, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और बाजार से बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करने की योजनाओं पर विचार किया गया।
बैठक के अंत में राज्य सरकार और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने तथा इन विकास प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर आर्थिक प्रगति में बदलने की प्रतिबद्धता जताई गई।
