जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा लागू किए जा रहे कथित छात्र-विरोधी ‘क्लस्टर सिस्टम’, कॉलेजों से पीजी (स्नातकोत्तर) की पढ़ाई हटाने और विभिन्न विषयों में कटौती के विरोध में सोमवार को AJSU छात्र संघ ने एलबीएसएम कॉलेज के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।
कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष सोनू कुमार साव के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुलपति (VC) और राज्य सरकार का संयुक्त पुतला दहन भी किया गया। कॉलेज परिसर ‘क्लस्टर सिस्टम वापस लो’ और ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ जैसे नारों से गूंजता रहा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्र संघ अध्यक्ष सोनू कुमार साव ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा लागू किया जा रहा क्लस्टर सिस्टम और कॉलेजों से पीजी विभाग हटाने का फैसला पूरी तरह छात्र-विरोधी और तानाशाहीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एलबीएसएम कॉलेज में ग्रामीण, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। ऐसे में पीजी विभाग हटने और विषयों में कटौती होने से गरीब छात्रों के सामने पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति गरीब और ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने की साजिश है। वहीं छात्र नेता हिमाद्रि मंडल ने कहा कि शिक्षा के निजीकरण और क्लस्टर व्यवस्था के नाम पर छात्रों को परेशान किया जा रहा है, जो क्षेत्र के विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।
AJSU कॉलेज सचिव चंदन कुमार पात्रो ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द फैसला वापस नहीं लिया, तो AJSU पूरे कोल्हान क्षेत्र में उग्र आंदोलन करेगी और कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय में तालाबंदी तक की जाएगी। वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रतिमा शर्मा ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को जमीनी हकीकत समझनी चाहिए और छात्रों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शन से पहले छात्र संघ अध्यक्ष सोनू कुमार साव ने कॉलेज प्राचार्य से मुलाकात कर कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस प्रदर्शन में सोनू कुमार साव, चंदन कुमार पात्रो, हिमाद्रि मंडल, प्रतिमा शर्मा, आकाश कुमार, ईशा कुमारी, आकाश कुमार पात्रो समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
